कुशीनगर जिले में कितने गाँव हैं।

कुशीनगर जिला ऐतिहासिक रूप से भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण से जुड़ा हुआ है। इस जिले में कसया या कुशीनगर नाम का कस्बा है जो प्रमुख बौद्ध तीर्थस्थलों के केंद्रों में से एक है। कुशीनगर को पहले कुशीनारा के नाम से जाना जाता था और यह वही जगह है जहां भगवान बुद्ध ने 80 वर्ष की आयु मैं 483 ईसा पूर्व अपने नश्वर शरीर का त्याग कर के महापरिनिर्वाण को प्राप्त किया था। कुशीनगर शहर प्राचीन काल में महावीर के अनुयायियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र था।

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कुशीनगर जिले में गांव की संख्या कितनी है

2011 की जनगणना के अनुसार कुशीनगर जिले में कुल 1639 गाँव थे। कुशीनगर के कुल गाँवों में से केवल 60 गाँव निर्जन गाँव थे जबकि अन्य 1579 गाँवों में लोग रहते थे। 2011 में कुशीनगर जिले में 561,062 परिवार रेकॉर्ड किए गए थे जो कि उत्तर प्रदेश राज्य में कुल परिवारों का 1.7 प्रतिशत था। इस जिले में परिवारों का औसत आकार 6.3 व्यक्ति का है। कुशीनगर जिले में शहरी आबादी 4.7 प्रतिशत है। यह प्रतिशत उत्तर प्रदेश राज्य के शहरी क्षेत्रों में 22.3 प्रतिशत आबादी के मुकाबले काफी कम है।

कुशीनगर जिला प्रमुख तथ्य

  • कुशीनगर जिला राज्य में जनसंख्या के मामले में 21 वें स्थान पर है।
  • कुशीनगर जिले के कुल 1639 गाँवों में से केवल 60 निर्जन गाँव हैं।
  • कुशीनगर जिले की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर 23.3 प्रतिशत है जो राज्य के औसत 20.2 प्रतिशत से अधिक है।
  • इस जिले की पडरौना तहसील में सबसे अधिक संख्या में बसे हुए 519 गाँव (inhabited villages) हैं, जबकि कसया तहसील में सबसे कम (286) बसे हुए गाँव हैं।
  • कुशीनगर जिले का क्षेत्रफल 2905.00 वर्ग किमी है।

कुशीनगर जिले का संक्षिप्त विवरण और इतिहास

कुशीनगर एक अलग जिला बनने से पहले उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का हिस्सा हुआ करता था। 13 मई 1994 को कुशीनगर देवरिया जिले से अलग होकर एक नए और अलग जिले के रूप में अस्तित्व में आया। उस वक़्त कुशीनगर को पडरौना के नाम से जाना जाता था। किन्तु 19 जून 1997 से पडरौना का नाम बदलकर कुशीनगर जिला कर दिया गया। भारत की आजादी से पहले यह क्षेत्र बनारस संभाग में शामिल था। वर्तमान में यह जिला गोरखपुर मंडल में शामिल है। ऐतिहासिक रूप से यह जिला ऋषियों, भिक्षुओं और तपस्वियों का कार्यस्थल रहा है। हालाँकि, आधुनिक कुशीनगर 19 वीं सदी में भारत के पहले पुरातत्व सर्वेक्षणकर्ता अलेक्जेंडर कनिंघम (Alexander Cunningham) द्वारा किए गए पुरातत्व उत्खनन से चर्चा में आया।

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