KYC Full Form – केवाईसी क्या है KYC Full Form in Hindi

KYC Full Form – बैंकिंग क्षेत्र भारत देश की अर्थव्यवस्था में एक विशिष्ट स्थान रखता है। मुद्रा के लेन देन से लेकर देश के विकास में इस क्षेत्र एक महत्वपूर्ण स्थान है। बैंकिंग क्षेत्र देश की आर्थिक दशा तथा दिशा भी तय करता है। आर्थिक मंदी से लेकर मुद्रास्फीति तक के जटिल कार्य इस क्षेत्र के अंदर समाहित होते है। प्रत्येक क्षेत्र की भांति बैंकिंग की भी अपनी एक शब्दावली होती है, जिसका प्रयोग दैनिक कार्यो मे होता है।

KYC भी इसी क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण शब्द है, जिसका उपयोग आम जन एक विस्तृत मात्रा में करते है। KYC आखिर होता क्या है? इसका full form क्या है ? तथा इसका क्या महत्व है ? ऐसे कई प्रश्न है, जिनका जबाब कई सारे लोगो के पास नही है। इस article में हम इन तमाम प्रश्नों के उत्तर जानेगे तथा इसको विस्तारपूर्वक समझेंगे।

kya ka full form kya hai

KYC Full Form in Hindi

KYC बैंकिंग क्षेत्र में उपयोग होने वाला एक महत्वपूर्ण शब्द है, जिसका full form “Know Your Customer” होता है। अगर हिंदी भाषा मे इसके शाब्दिक अर्थ को समझे तो इसका तात्पर्य “अपने ग्राहक को जानिये” होता है। सरल शब्दों में इसको इस प्रकार समझा जा सकता है, कि बैंक अपने ग्राहकों की समस्त जानकारी प्राप्त करने के लिए KYC की प्रक्रिया करवाता है। जिससे वह अपने ग्राहकों को विस्तृत और पूर्ण रूप से जान सके।

KYC का महत्व क्या है – Importance of KYC

तकनीक के बढ़ते प्रयोग ने आजकल समस्त संसार मे धोखाधड़ी तथा ठगी के कई नये दरवाजे खोल दिये है। जिसके परिणामस्वरूप हम नित समाचारों पत्रों की Headlines में इन खबरों को आसानी से पाते है। इसी समस्या से निपटने के लिए बैंक, बीमा कंपनी तथा अन्य संस्थान अपने ग्राहकों को पूरी तरह जानने के लिए उनकी KYC करवाना अनिर्वाय समझते है। यह संस्थान अपनी सेवाएँ देने से पहले अपने Customer का पूर्ण रूप से Verification करना उचित मानते है। इसके लिए वह KYC जैसी प्रक्रिया का इस्तेमाल अपने ग्राहक की वास्तविक पहचान (Original Id Verification) तथा उससे सम्पूर्ण पता ( Full Address Verification) को पूर्ण रूप से समझने के लिये करते है।

कोई भी ग्राहक जब एक बार KYC की प्रक्रिया से गुजर जाता है, तो उसकी सत्यता का प्रमाण संस्थान को मिल जाता है, जिससे वह अपने ग्राहक के प्रति निडर हो जाते है। अर्थात इससे इस बात को सुनिश्चित किया जा सकता है, कि कोई व्यक्ति उक्त संस्थानों द्वारा प्रदान की गई सेवायों का दुरुपयोग या गलत इस्तेमाल तो नहीं कर रहा है। KYC प्रक्रिया में संस्थान अपने ग्राहकों से उनके वास्तविक दस्तावेजों की जांच कर उनकी एक प्रति (Copy) अपने पास रखता है, जिससे आगामी समय मे होने वाले किसी भी मामले से निपटा जा सके।

KYC प्रक्रिया क्या है – Process of KNOW Your Customer

वर्तमान समय मे बैंक में खाता खुलवाने, म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश (Investment) करने, Sim Card लेने, यहाँ तक कि Paytm जैसे digital payment एकाउंट से पेमेंट करने के लिए KYC करवानी पड़ती है। अब सवाल यह है कि KYC किन किन दस्तावेजो कि मदद से करवाई जा सकती है ? तो इसके लिए एक सरल उपाय है। कोई भी व्यक्ति अपने “आधार कार्ड” से KYC का सत्यापन करवा सकता है। इसके अलावा भारत सरकार ने निम्न दस्तावेजो को भी KYC के सत्यापन के लिए उपयुक्त माना है –

  1. पासपोर्ट (Passport)
  2. मतदाता पहचान पत्र (Voter’s Identity Card)
  3. ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License)
  4. पैन कार्ड (Pan Card)
  5. राशन कार्ड

किसी भी दस्तावेज में जिसमे ग्राहक की फ़ोटो, सम्पूर्ण पता हो, तथा भारत सरकार द्वारा मान्य हो, ऐसे Document से KYC की प्रक्रिया पूर्ण करवाई जा सकती है।

दोस्तों, आपको यह लिख KYC full form क्या है तथा केवाईसी क्या होता है कैसा लगा यह हमें comment करके जरूर बताएं और अगर आपको KYC से संबंधित कोई प्रश्न पूछना है तो वह भी हमसे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं हम आपके सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

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