लक्षद्वीप कहां स्थित है। लक्षद्वीप में कुल कितने द्वीप है।

लक्षद्वीप भारत का एक केन्द्र शासित प्रदेश है। यहां पर बताते चले की केंद्र शासित प्रदेश ऐसे प्रदेश को कहा जाता है, जहां सीधे तौर पे भारत सरकार का शासन होता है। केंद्र शासित प्रदेशों में भारत के अन्य राज्यों की तरह चुनाव नही होते हैं और न हीं वहां का कोई मुख्यमंत्री नियुक्त होता है जहां हैं भी तो वहां के मुख्यमंत्री की शक्ति पूर्ण राज्यों के मुकाबले कम है। केन्द्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया हुआ सरकारी प्रशासक या उप राज्यपाल होता है। हालांकि दिल्ली केंद्र शासित राज्य होते हुए भी अन्य केंद्र शासित राज्यों से थोड़ा अलग है।

lakshadweep kaha hai

भारत में कुल 7 केंद्रशासित प्रदेश है। इसी में से एक है लक्षद्वीप। लक्षद्वीप का पुराना नाम  लक्काडिव ( Laccadive ) था। लक्षद्वीप भारत के दक्षिण पश्चिम के अरब सागर में स्थित एक भारतीय द्वीप समूह है। लक्षद्वीप केरल से लगभग 250 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। इसकी कुल जनसंख्या लगभग 64473 है। यहां के वर्तमान प्रशासक फारूक खान है। लक्षद्वीप की राजधानी कवरत्ती है। भारत में कुल 7 केंद्र शासित प्रदेशों में से लक्षद्वीप सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है। मलयालम यहां की मुख्य भाषा है। यहां मिनिकॉय द्वीप में बसने वाले लोग माही भी बोलते हैं। इसके अतिरिक्त यहां पर थोड़ी हिंदी और अंग्रेजी भी बोली जाती है।

लक्षद्वीप की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्रोत कृषि और मछली पकड़ना है। यहां साक्षरता का दर लगभग 92.28% है। यहां की शिक्षा प्रणाली केरल के पाठ्यक्रम पर ही आधारित है। लक्षद्वीप में केवल 12वीं तक ही शिक्षा उपलब्ध है। इस कारण यहां के लोगों को ऊंची शिक्षा प्राप्त करने के लिए केरल या किसी अन्य शहरों में जाना होता है। यहां सिर्फ एक हवाई अड्डा है जो की अगाती में है।

लक्षद्वीप का इतिहास

लक्षद्वीप के बारे में  ऐसा माना जाता है के लक्षद्वीप समूह की उत्पत्ति प्राचीन काल में हुए ज्वालामुखी विस्फोट में निकले लावा के कारण हुआ था। इसके बाद यहां के कवरत्ती, अगात्ति, अंदरौत और अमीनी जैसे द्वीपों पर लोग आ कर बस गए। आज़ादी से पहले तक यहां अंग्रेज़ो से लेकर कई राजाओं का शासन रहा। लेकिन आज़ादी के बाद  इसे 1 नवंबर 1956 ईo को सभी द्वीपों को मिलाकर भारत का केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। लक्षद्वीप में कुल 36 द्वीपों का समूह है। इन 36 द्वीपों में से 7 ही ऐसे द्वीप हैं जिनपर जन जीवन संभव है। इसके अतिरिक्त 6 ऐसे हैं जहां सिर्फ देशी पर्यटक जा सकते हैं। और सिर्फ दो द्वीप अगाती और बंगाराम पे ही विदेशी पर्यटक जा सकते हैं।

लक्षद्वीप का भूगोल

लक्षद्वीप का भूगोल बहुत ही सुंदर और दिलचस्प है इसलिए ये पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बना रहता है। पर्यटक स्थल के अतिरिक्त यह जीव जंतु के अलग अलग प्रकार और वनस्पतियों के लिए भी विश्व भर में विख्यात है। लक्षद्वीप का कुल क्षेत्रफल 23 वर्ग किलोमीटर है। केरल से नज़दीक होने के कारण यहां की मौसम केरल से बहुत मिलती जुलती है यहां का मौसम ज़्यादातर सुहाना ही बना रहता है। यहां का औसतन तापमान 25 से 35℃ तक रहता है। यहां के ज़्यादातर द्वीप नारियल के पेड़ से घिरे हुए हैं। लक्षद्वीप की वैश्विक स्थिति 71° से 74° पूर्वी देशांतर ( longitude ) और 8° से 12°13’ उत्तरी अक्षांश (latitude) है। लक्षद्वीप में बारिश का सालाना औसत 1600 mm  है।

लक्षद्वीप के कुछ मुख्य द्वीप

  • मिनिकॉय
  • कवरत्ती
  • कल्पेनि
  • बंगाराम
  • अंदरौत
  • अगाती
  • कथमठ

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