लक्षद्वीप समूह के द्वीपों की उत्पत्ति किसके द्वारा हुई थी।

जैसा कि हम जानते हैं कि भारत में 29 राज्य तथा 7 केंद्र शासित राज्य हैं। पूर्ण राज्यों में सबसे छोटा राज्य सिक्किम जबकि सबसे बड़ा पूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश ( आबादी के लिहाज से ) है। दूसरी ओर क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा राज्य Rajasthan है। इसी तरह केंद्रशासित राज्यों में देखें तो क्षेत्रफल की दृष्टि से लक्षद्वीप भारत का सबसे छोटा केंद्रशासित राज्य है। इस द्वीप का क्षेत्रफल मात्र 32 वर्ग किलोमीटर ही है। इस केंद्रशासित राज्य के ज़िले की बात करें तो यहां मात्र 1 ही जिला है। यह अलग अलग 9 डिवीजन में बंटा हुआ है।

lakshadwwp samuh ki utpatti kaise hui

पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण जगहों में से एक लक्षद्वीप कई अलग अलग द्वीपों का एक समूह है। संख्या के आधार पर देखें तो यहां कुल 36 द्वीप हैं। यहां 36 द्वीप ज़रूर हैं लेकिन इन सभी द्वीपों पर जीवन संभव नही है। 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 10 Islands पर ही लोग रह रहे हैं। इस द्वीप पर किसी भी समय में आदिवासी समुदाय के रहने का सुबूत नही है। ऐसे में जहां लोगों ने कब से रहना शूरु किया, इस का ठोस सबूत नहीं है। हालांकि विद्वानों का मत है कि यहां लगभग 1500 BC के आसपास लोग आए थे।

लक्षद्वीप के द्वीपों की उत्पत्ति

अरब सागर में मौजूद इस लक्षद्वीप के बारे में कहा जाता है कि इसकी उत्पत्ति का मुख्य कारण ज्वालामुखी विस्फोट है। ज्वालामुखी के बारे में संक्षेप में बताते चलें कि यह ज़मीन के नीचे पाया जाता है जो की अपने अंदर गर्म लावा, गैस, राख इत्यादि समेटे रहता है। जब दबाव काफी बढ़ जाता है तो यही विस्फोट कर जाता है तथा ये सभी ज़मीन के बाहर आ जाते हैं। जब ज्वालामुखी  से निकले Material बाहर आ कर जमीन जमा हो जाते हैं तो इसे ज्वालामुखी पहाड़ कहा जाता है।

लक्षद्वीप में भी कुछ ऐसा ही हुआ। मौजूदा इस द्वीप के ही स्थान पर आदि काल में एक जबरदस्त ज्वालामुखी विस्फोट के फलस्वरूप इस स्थान पर ज्वालामुखी से निकलने वाले लावा जमा हो गया। चूंकि यह जलीय क्षेत्र ( अरब सागर ) में था। इसलिए यह जम कर Island के रूप में स्थापित हो गया। इसके बाद यहां धीरे धीरे लोग आने लगे।

लक्षद्वीप में धर्म

मौजूदा समय में लक्षद्वीप का प्रमुख धर्म इस्लाम है। लक्षद्वीप में इस्लाम के आगमन की बात करें तो यह लगभग 7वीं सदी में ही आए जब यह द्वीप मालदीव के अंर्तगत आता था तथा यहां चोल शासक का राज था। उस समय यहां अलग अलग धर्म के लोग रहते थे। तब यहां शैख़ ओबैदुल्लाह इस्लाम ले कर आये। इसके बाद से ही यहां मुस्लिम स्थापित हो गए। 2011 में लक्षद्वीप की आबादी 78,568 थी।

लक्षद्वीप के धर्म में धर्मों का प्रतिशत देखें तो इस्लाम धर्म के मानने वाले कि संख्या 96.57 प्रतिशत है। इसके अलावा अन्य धर्मों में दूसरे स्थान पर हिन्दू धर्म है जिसकी आबादी 2.77 प्रतिशत, क्रिस्चियन 0.49 प्रतिशत हैं। यहां सिक्ख 0.01, बौद्ध 0.01 तथा जैन 0.01 प्रतिशत है। इसके अलावा 0.02 प्रतिशत इन धर्मों के अलावा अन्य धर्म हैं तथा इतनी ही संख्या में ऐसे भी लोग हैं जो कि किसी भी धर्म को नही मानते हैं यानी कि वे नास्तिक हैं।

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