भारत की सबसे लंबी नदी कौन सी है।

भारत की सबसे लंबी नदी के बारे में जानने से पहले आपको यह समझना होगा कि भारत की सबसे लंबी नदी  के दो तर्क हो सकते हैं पहला वह तर्क जहां यह कहा जा सकता है कि भारत से होकर गुजरने वाली सबसे लंबी नदी कौन सी है ।

वहीं दूसरा यह तर्क जहाँ यह कहा जा सकता है कि भारत में ही अपना 90% समय  बिताने वाली या फिर मूलता भारत में ही रहने वाली सबसे लंबी नदी कौन सी है।

सिंधु नदी

भारत से होकर जाने वाली सबसे लंबी नदी सिंधु नदी है। जिसे Indus river  भी कहा जाता है। इस नदी की लंबाई 2,880 किलोमीटर है। यह पाकिस्तान की सबसे लंबी नदी भी है। यह  एशिया की भी सबसे लंबी नदी है। भारत और सिंधु नदी का अद्भुत संबंध है सबसे पहला तो यह कि भारत का नाम इंडिया, इंडस नदी पर ही पड़ा है जिसे हम सिंधु नदी कहते हैं, दूसरा दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक सिंधु घाटी की सभ्यता इसी नदी के आसपास अस्तित्व में आई अर्थात  अपना पूरा समय भारत में ना बिताने के बावजूद सिंधु नदी भारत के लिए महत्वपूर्ण है।

bharat ki sabse lambi nadi koun si hai

गंगा नदी

भारत में ही अपना 90% समय बिताने वाली या फिर कहे कि ज्यादातर भारत में ही बहने वाली सबसे लंबी नदी है गंगा नदी। जिसे  अंग्रेजी गलत रुप से Ganges  भी कहा जाता है। गंगा नदी की लंबाई 2510 किलोमीटर है । गंगा नदी गंगोत्री से निकलती है । गंगा नदी  के बेसिन का क्षेत्रफल 3,90,000 वर्ग किलोमीटर है। गंगा नदी की औसत गहराई 16 मीटर है। यह नदी भारत में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड  एवं पश्चिम बंगाल से होते हुए  बांग्लादेश में जाती है। गंगा नदी पर कई बड़े  हाइडल पावर प्रोजेक्ट लगे हुए हैं जिनके द्वारा बड़ी मात्रा में बिजली पैदा की जाती है, और इसके लिए बने बांधों से बड़ी मात्रा में नहरों के द्वारा सिंचाई की जाती है।

गंगा नदी का धार्मिक एवं प्राकृतिक महत्त्व

गंगा नदी  धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण नदी है। हिंदू धर्म में गंगा नदी को सबसे पवित्र नदी माना जाता है इसी कारण से इस नदी के  किनारों पर कई तीर्थ स्थल है। हिंदू ग्रंथों के अनुसार गंगा नदी स्वर्ग में बहा करती थी जहां पर इसके पानी को भगवान पिया करते थे। ऐसा माना जाता है कि एक बहुत ताकतवर राजा हुए जिनका नाम था भागीरथ। उन्होंने ब्रह्मा जी को गंगा को पृथ्वी में लाने के लिए मना लिया और तभी गंगा जी हिमालय से होकर बहना शुरू हुई, इसीलिए गंगा नदी को भागीरथी भी कहा जाता है।

गंगा का प्रवाह इतना तेज था कि राजा को डर लगा की इतनी तेज गति वाली नदी पूरी पृथ्वी को ही नष्ट कर देगी ऐसे में वे भगवान शिव के पास गए और गंगा के प्रवाह को कम करने के लिए उनसे विनती की और इस विनती को सुनकर भगवान शिव ने गंगा जी को अपनी लटों में बांध लिया, जिससे गंगा का प्रवाह पृथ्वी के लायक हो गया और पृथ्वी नष्ट होने से बच गई।

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार एक बार गंगा में स्नान कर लेने से आपके पाप धुल जाते हैं, ठीक इसी तरह यह मान्यता भी है कि प्रत्येक हिंदू को अपने जीवन में एक बार कम से कम गंगा में स्नान करना चाहिए। हिंदू धर्म के लगभग सभी ग्रंथों में गंगा नदी के आसपास  हुई घटनाओं का जिक्र आता है, ऐसा कोई हिंदू ग्रंथ नहीं है जहां पर कम से कम एक बार गंगा जी का वर्णन ना आए।

गंगा नदी प्राकृतिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों के अनुसार इसमें 140 तरह की मछलियां पाई जाती है। गंगा नदी में Freshwater dolphin , freshwater shark भी पाई जाती है, फ्रेशवाटर डॉल्फिन को गंगा की गाय भी कहते हैं।

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