मध्यप्रदेश की प्रथम महिला IAS कौन थी ?

IAS के पद को समाज में उच्च सम्मान का दर्जा प्राप्त है। इस पद के योग्य व्यक्ति को लोगो की बीच हमेशा ही इज़्ज़त एवं सम्मान मिलता है। महिला सशक्तिकरण के इस बढ़ते दौर में प्रत्येक महिला पुरुषों से कदम से कदम मिला के चल रही है। यह स्थिति बीते समय मे नही थी। इसलिये आज हम मध्यप्रदेश की उस पहली महिला IAS की चर्चा करेंगे , जिन्होंने यह सम्मान सर्वप्रथम प्राप्त किया।

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मध्यप्रदेश की पहली महिला IAS

भारत देश के सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक मध्यप्रदेश राज्य की प्रथम महिला IAS बनने का सुअवसर सरल ग्रेवाल को मिला। इनका जन्म 4 अक्टूबर 1927 को हुआ था। बचपन से ही सरला बहुमुखी प्रतिभा की धनी थी। इनकी प्रारंभिक शिक्षा सामान्य रही। उसके बाद इन्होंने हंसराज महिला महा विद्यालय से आनर्स (Honours) विषय से स्नातक पूरा किया। इसके उपरांत इन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र विषय से स्नातकोत्तर Complete किया। इसके बाद 1952 में इन्होंने IAS बनने का मौका मिला। वह उस समय भारत की दूसरी आईएएस महिला थी, जबकि मध्यप्रदेश में उनका स्थान अव्वल था। उसके बाद इन्होंने 1963 मे स्वास्थ्य सचिव के रूप में पंजाब राज्य को अपनी सेवाएं प्रदान की। इसके लिए पंजाब को लगातार 4 वर्ष पुरुस्कार भी मिला।

कई बड़े बड़े पदों पर आसीन रहने वाली सरला को 31 मार्च 1989 मध्यप्रदेश राज्य का राज्यपाल नियुक्त किया गया। उनका कार्यकाल 5 फरबरी 1990 तक चला। आगे चलकर यह  शिमला की Deputy Commissioner भी बनी। राजीव गांधी जैसे सशक्त नेता की यह प्रमुख सचिव रही। देश के लिये इतने अहम पदों पर अपनी सेवाएं देंने के बाद 29 जनवरी 2002 को एक गंभीर बीमारी के कारण इनकी  चंडीगढ़ में मौत हो गई। उस बीमारी का नाम Pulmonary Tuberculosis बताया जाता है। जबकि डॉक्टरों ने यह भी पाया की उनका chronic Renal failure भी हुए था। निस्वार्थ जीवन का पालन करते हुए सरला ने देश को 74 वर्षो तक अपना सहयोग दिया तथा प्रथम महिला IAS के रूप में अपना नाम इतिहास में दर्ज करवा गई।

2 Comments

  1. Ayushi April 9, 2019
    • Arvind Patel April 9, 2019

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