महाराष्ट्र का सबसे बड़ा शहर कौन सा है Largest city of Maharashtra

महाराष्ट्र का जनसंख्या के आधार पर सबसे बड़ा शहर मुंबई है। यही नहीं ! महाराष्ट्र का क्षेत्रफल  के आधार पर भी सबसे बड़ा शहर मुंबई ही है। इन सबके साथ ही साथ मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी भी है।  मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी होने के साथ-साथ देश की व्यवसायिक राजधानी भी है। मुंबई का वर्तमान नाम 1995 में अस्तित्व में आया इससे पहले इस शहर को बॉम्बे के नाम से पुकारा जाता था।

परंतु इसका ऐतिहासिक नाम मुंबादेवी के ऊपर आधारित है इसलिए 1995 में इसे बदल कर वापस से मुंबई कर दिया गया।  2011 की जनगणना के अनुसार मुंबई की जनसंख्या 1,24,42,373  है ।   यह महाराष्ट्र का ही नहीं पूरे देश का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला शहर है।  जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि क्षेत्रफल  के आधार पर भी मुंबई महाराष्ट्र का सबसे बड़ा शहर है।  मुंबई का area 603 वर्ग किलोमीटर है । 

मुंबई के वर्तमान मेयर विश्वनाथ महादेश्वर है।  इस शहर ने देश के विकास में कितना महत्वपूर्ण योगदान दिया है उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसी शहर में देश की पहली  व्यवसायिक ट्रेन चली थी। यही नहीं इसी शहर में देश की पहली बस service का भी आगमन हुआ था। 

maharashtra ka sabse bada shahar

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि दुनिया का सबसे महंगा घर अमेरिका , जापान या यूरोप के किसी देश में नहीं बल्कि मुंबई में है, जी हां वही मुंबई  जहां पर दुनिया की सबसे बड़ी झुग्गी झोपड़ी की बस्ती भी है। यह शहर सात अलग-अलग द्वीप को मिलाकर बनाया गया है।  मुंबई का समुद्र तट लगभग 150 किलोमीटर का है।

इतिहास के परिदृश्य में मुंबई

इतिहासकारों के अनुसार मुंबई शहर का पहला वर्णन  14 वीं शताब्दी में मिलता है।  लंबे समय तक यह  शहर विभिन्न राजाओं के कब्जे में रहा परंतु इसका वर्तमान स्वरूप जो समुद्र से मिलता है,  वह तब बना जब इस पर पुर्तगालियों का कब्जा हुआ।  पुर्तगालियों ने इस शहर का नाम  “बोम बाई “  रखा। 

1687 की बात है अंग्रेज पश्चिम भारत में अपना मुख्यालय सूरत से हटाकर कहीं और ले जाना चाहते थे, और इसके लिए उन्होंने मुंबई को उपयुक्त पाया।  ईस्ट इंडिया कंपनी ने पुर्तगालियों से मुंबई 10 पाउंड में लीज पर लिया।  अंग्रेजों को पुर्तगाली नहीं आती थी इसीलिए इस शहर का नाम “बोम बाई “ से बदल कर बॉम्बे  हो गया।  परंतु यहां पर मछली पालन करने वाली मूल जनजाति इस शहर को हमेशा मुंबई ही बुलाती थी।

तत्कालीन भारत के मुंबई एवं कराची दो सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह हुआ करते थे।  आजादी के पश्चात बॉम्बे  प्रेसिडेंसी महाराष्ट्र एवं गुजरात नाम के दो अलग-अलग राज्यों में बट गई।  विशेषज्ञों के अनुसार आजादी के पश्चात इस बात की योजना थी कि मुंबई को महाराष्ट्र एवं गुजरात का हिस्सा ना बनाया जाकर सीधे केंद्र के अंदर चंडीगढ़ जैसे शहर की तरह रखा जाएगा , क्योंकि इतना बड़ा व्यवसायिक महत्व का शहर किसी भी एक राज्य को देना उचित नहीं होगा। 

इस बात का विरोध करते हुए तत्कालीन राजनीतिक संगठनों ने आंदोलन चलाया जो समय रहते हिंसक आंदोलन में बदल गया जिसमें कई लोगों की जानें गईं और जिसके पश्चात मुंबई हमेशा हमेशा के लिए महाराष्ट्र का हिस्सा बन गया ।

पर्यटन की दृष्टि से मुंबई

वैसे तो मुंबई शहर में पर्यटकों को आकर्षित करने वाली कई जगह हैं परंतु समय एवं जगह की कमी के कारण हम केवल उन महत्वपूर्ण स्थानों का विवरण देंगे जो सबसे ज्यादा संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं ।

मुंबई के ऐतिहासिक महत्त्व  को समझने वालों के लिए गेटवे ऑफ इंडिया, काला घोड़ा , हेरिटेज बिल्डिंग महत्वपूर्ण जगह है। इसके अलावा यहां पर हाजी अली , शिवाजी टर्मिनस जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है जो बड़ी संख्या में लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

हम उम्मीद करते हैं कि अब आपको इस सवाल का जवाब मिल गया होगा कि ,महाराष्ट्र का सबसे बड़ा शहर कौन सा है जनसंख्या ( Population)  के आधार पर ? इसके साथ आप को इस सवाल का जवाब भी मिल गया होगा कि ,महाराष्ट्र का सबसे बड़ा शहर कौन सा है  क्षेत्रफल  के आधार पर ?

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