मंगल ग्रह की पूरी जानकारी – Mars In Hindi

इस सृष्टि में कई तरह के पृथ्वी की ही तरह ग्रह मौजूद हैं, जिनमें एक खास मंगल ग्रह है। आज हम मंगल ग्रह की पूरी जानकारी आपके साथ share करने जा रहे हैं। मंगल ग्रह की पूरी जानकारी के लिए हमारा ये लेख पूरा जरूर पढ़ें।

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ग्रह क्या है (What is the planet)

ग्रह वे पिंड होते हैं, जो सूर्य या तारों के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। आपने इससे जुड़ी जानकारी छोटी कक्षाओं में पढ़ी ही होगी। ग्रह मुख्य रूप से 8 हैं, जिनके नाम निम्नलिखित है-

  1. बुध
  2. शुक्र
  3. पृथ्वी
  4. मंगल
  5. बृहस्पति
  6. शनि
  7. युरेनस
  8. नेप्च्यून

इनके अलावा तीन ग्रह और माने जाते हैं, जिन्हें बौने ग्रह की श्रेणी में रखा गया है। जो निम्नलिखित है-

  1. सीरीस
  2. प्लूटो
  3. एरीस

इन सभी ग्रह में आज हम मंगल ग्रह के बारे में जानेंगे।

मंगल ग्रह

सौरमंडल में चौथे नंबर पर पाया जाने वाला ग्रह, मंगल ग्रह कहलाता है। ये दूसरे नम्बर पर सबसे छोटा ग्रह है। इसे english में Mars नाम से जाना जाता है। मंगल ग्रह को इसकी रक्तिम आभा के कारण लाल ग्रह नाम से भी जाना जाता है। मंगल ग्रह हमारी पृथ्वी की ही तरह स्थल के रूप में है। यहां रेगिस्तान और बर्फीली चोटियां आदि मौजूद है। मंगल ग्रह पर पृथ्वी की ही तरह जीवन होने की संभावना आज भी कायम है। आज भी इस पर ये खोज चल रही है। इसलिए सभी ग्रह में से आज मंगल ग्रह का नाम हर शख्स की जुबान पर पहले आता है। ये सूर्य से 23 करोड़ कि.मी. की औसत दूरी पर है। ये सूर्य की परिक्रमा करने यानी चक्कर लगाने में कुल 687 दिन लगाता है। पृथ्वी के दिनों के हिसाब से 1 वर्ष 320 दिन का मंगल पर एक वर्ष होता है। ओलम्पस मोन्स सौरमंडल का सबसे ऊंचा पर्वत है, जो इसी ग्रह पर स्थित है। इस ग्रह के दो निम्नलिखित चंद्रमा माने जाते हैं-

  1. फोबोस
  2. डीमोस

मंगल ग्रह की प्रकृति

आपको मंगल ग्रह की प्रकृति को समझना भी जरूरी है। यहां पर आयरन तथा इससे सम्बंधित खनिज पाए जाते हैं। यहां पर वातावरण ठंडा होने से पानी अपनी तरल अवस्था में ज्यादा वक्त तक नहीं रह पाता। इस ग्रह का व्यास पृथ्वी से बिल्कुल आधा है। इस पर गहरी घाटियां और पहाड़ स्थित हैं। इस ग्रह का औसतन तापमान -60° सेल्सियस है। इस ग्रह के वायुमंडल में मुख्य गैस कार्बनडाई ऑक्साइड है।

मंगल ग्रह की खोज

इस ग्रह की खोज का श्रेय गैलीलियो गैलीली को दिया जाता है। ये इटली के एक महान वैज्ञानिक और खगोलशास्त्री थे। माना जाता है कि 1610 में सबसे पहले इन्होंने ही मंगल ग्रह को दूरबीन के माध्यम से देखा था। लेकिन सबसे पहले इसे नक्शे का रूप देने का श्रेय महान खगोलशास्त्री क्रिश्चियान हायगेन्स को दिया जाता है। ये डच के एक महान खगोलशास्त्री है।

मंगल ग्रह पर जीवन क्यों सम्भव है

मंगल ग्रह पर जीवन सम्भव होने के कई कारण हो सकते हैं। एक कारण तो ये है कि यह ग्रह पृथ्वी के सबसे निकट है। इतना ही नहीं यहां पृथ्वी की ही तरह स्थल है। ये ग्रह रहने लायक हो सकता है, क्योंकि ये सूर्य से काफी दूर भी है। मंगल ग्रह पर सर्दी ज्यादा है, इसका कारण सूर्य से इसकी दूरी होना ही है। वहां का वातावरण अन्य ग्रहों की तुलना में पृथ्वी के जैसा और मानव जाति के रहने योग्य बनाया जा सकता है। इसीलिए वहां अन्य ग्रहों की तुलना में जीवन सम्भव है।

मंगल ग्रह पर की गई खोजे

इस ग्रह पर अनेक वैज्ञानिकों ने अनेक शोध किये हैं, जिनमें से कुछ खास शोध निम्नलिखित है-

  1. यहां पर सर्दी में पानी अपनी तरल अवस्था से बर्फीले पहाड़ों में बदल जाता है।
  2. इस ग्रह पर ऐसी कई आंधियों को देखा गया, जो पृथ्वी की ही तरह तेज हवा से चलती है।
  3. यहां वैज्ञानिकों ने कई ज्वालामुखियों की खोज की है।
  4. बड़े शोध के बाद वैज्ञानिकों ने ये खोजा कि इस ग्रह की भूमि बंजर रेतीली भूमि है।

मंगल ग्रह पर जीवन बसाने के मुख्य कारण

इस ग्रह पर जीवन बसाने के पीछे कई कारण है। जिसमें से मुख्य कारण ये है कि मानव जाति ने बहुत मेहनत के बाद इस पृथ्वी पर विकास और खोजे की है। आने वाले समय में जब कभी पृथ्वी नष्ट हो, तो मानव जाति को बचाया जा सके। इसके लिए ही मुख्य रूप से मंगल ग्रह पर जीवन बसाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

मंगल ग्रह और भारत

वैसे तो कई देशों ने इस ग्रह पर शोध के कार्य किये हैं और वर्तमान में भी कर रहे हैं। लेकिन आपको हमारे देश भारत के बारे में जान लेना चाहिए कि इसने इस ग्रह पर क्या शोध कार्य किये हैं। इस ग्रह पर भारत के द्वारा मंगल अभियान के लिए भेजा गया पहला यान मंगलयान है। इसे Mars Orbiter Mission के नाम से भी जाना जाता है। इसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा चलाया गया और ये एक इसी की परियोजना है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का नाम अंग्रेजी में Indian Space Research Organisation है, जिसे इसरो नाम से भी जाना जाता है। इसका मुख्यालय बेंगलुरू, कर्नाटक में स्थित है। इस अभियान के लिए मंगलयान 5 नवम्बर 2013 को भेजा  गया। इस यान को ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान-एक्सएल सी25 रॉकेट के द्वारा छोड़ा गया था। भारत पूरे world में और एशिया का पहले प्रयास से ही इस ग्रह पर पहुंचने में सफल रहा और ऐसा करने वाला ये पहला देश है। इस मिशन को सभी देश की तुलना में सस्ता मिशन भी माना जाता है। इस मिशन का उद्देश्य इस ग्रह पर निगरानी रखकर शोध कार्य करना है। इंटीरियर एक्सप्लोरेशन यूजिंग सिस्मिक इन्वेस्टिगेशन मिशन के तहत इस ग्रह पर जाने के लिए टिकिट बुक के सम्बंध में करीब 1.38 लाख लोगों ने टिकिट बुक कराई। ये मिशन 2018 में कुछ वक्त के लिए स्थगित कर दिया गया है। ये नासा के द्वारा चलाया जाने वाला एक मिशन है।

मंगलयान अभियान के बारे में कुछ जानकारी

भारत के द्वारा चलाये गए इस पहले मिशन का कुल खर्च 7.3 करोड़ डॉलर यानी 450 करोड़ रुपये है। मंगलयान अभियान भारत का पहला सफल अभियान है, जिसने पूरे विश्वभर में अपना नाम किया है। यहां के वैज्ञानिकों ने शोध में पूरे मन से कार्य किया जिसकी वजह से इतने कम खर्च में इस अभियान को सफल बनाया गया। भारत के इस सफल अभियान से पूरे विश्व को आने वाले समय में बहुत लाभ मिलने वाला है। मंगलयान कई वर्षों तक इस ग्रह पर शोध कार्य करेगा। मंगलयान ने सफलतापूर्वक 65 करोड़ कि.मी. का रास्ता तय किया। इस यान का वजन 1350 किलो वजन है। मानव जाति के मिशन की शुरुआत के लिए इस यान के द्वारा शोध कार्य किये जाएंगे। भारत के इस यान को सतीश धवन स्पेस सेंटर जो कि श्रीहरिकोटा, आंध्रप्रदेश में है से लॉन्च किया गया था। इसे बनाने में 15 महीने का समय लगा। इसका आकार छोटी कार के जितना ही है। इस यान ने ग्रह तक पहुंचने में कुल 300 दिन का समय लगाया।

मंगल ग्रह के लिए मिशन

इस ग्रह के अभियान के बारे में आपको जान लेना चाहिए। हमने भारत के मंगल ग्रह मिशन के बारे में आपको बताया। लेकिन सभी देशों को मिलाकर कुल 51 मिशन इस ग्रह के लिए चलाए जा चुके हैं। जिसमें से 25 असफल और 26 सफल रहे।

मंगल ग्रह से जुड़ी रोचक जानकारियां

मंगल ग्रह से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां आपको जान लेनी चाहिए, जो आपके लिए सहायक होगी। इससे जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां निम्नलिखित है-

  1. इसकी सतह पर आयरन ऑक्साइड काफी मात्रा में पाया जाता है, जो इसके लाल रंग का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।
  2. मंगल ग्रह पर ऋतुएं पृथ्वी की ही तरह होती है।
  3. 1979 में सबसे पहले मंगल पर जीवन के लिए खोज के प्रमाण मिले हैं।
  4. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस ग्रह को हम पृथ्वी से आसानी से देख सकते हैं।
  5. इस ग्रह पर जीवन आदि की खोज के लिए यूएसए आदि के द्वारा कई अंतरिक्ष यान भेजे गए हैं।
  6. मंगल पर खोज के लिए कई तरह के अभियान वर्तमान में चल रहे हैं।
  7. इस ग्रह की पहली सफल उड़ान मैरीनर 4 ने 1965 में की। ये नासा के द्वारा भेजा गया था।
  8. इसा के मानव मिशन के अनुसार 2030-2035 तक मानव मंगल पर जा सकेगा।
  9. मंगल के चन्द्रमा हमें पृथ्वी से भी नज़र आते हैं।
  10. इस ग्रह का वास्तविक रंग बादामी रंग की ही तरह है।

Finders, अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो “मंगल ग्रह की पूरी जानकारी” तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते हैं और अगर आप मंगल ग्रह की पूरी जानकारी के लेख के माध्यम से कुछ क्वेश्चन पूछना चाहते हैं तो आप हमारी टीम से पूछ सकते हैं। हमने मंगल ग्रह से जुड़ी कई जानकारियां आपके साथ share की है, जो आपके बहुत काम की जानकारी है। अगर आपको लगता है कि मंगल ग्रह की पूरी जानकारी लेख में कोई जानकारी छूट गई है, तो आप हमसे ये बात comment में share कर सकते हैं, हम उसमें जरूर सुधार कर आपका मार्गदर्शन करने का प्रयास करेंगे।

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