मीथेन गैस की खोज किसने की थी।

मीथेन एक गैस है जिसका न कोई रंग होता है और न ही कोई गंध या स्वाद। प्रकृति में अत्यधिक मात्रा में पाई जाने वाली यह गैस, वातावरण को गर्म करने वाली दूसरी सबसे महत्वपूर्ण ग्रीनहाउस गैस है। मिथेन गैस हाइड्रोकार्बन molecules में सबसे सरल molecule होती है। इसका केमिकल फॉर्मूला CH4 होता है। मिथेन, प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक है, जिसमें लगभग 75% मिथेन CH4, 15% इथेन (C2H6) और 5% अन्य हाइड्रोकार्बन गैसें, जैसे प्रोपेन और ब्यूटेन पाई जाती हैं। हवा से भी हल्की मीथेन गैस, केवल प्रकृतिक रूप से ही नहीं, बल्कि मनुष्यों के कुछ कार्यों से भी बनती है और वातावरण में पहुँच जाती है। आइए जानते हैं कि मीथेन गैस कि खोज किसने कि थी और इस गैस के कौन-कौन से उपयोग होते हैं। इस लेख में मिथेन के उपयोग से लेकर, एक ग्रीनहाउस गैस के रूप में, ग्लोबल वार्मिंग में इससे होने वाले खतरों के बारे में भी चर्चा की गयी है।

methane gas ki khoj kisne ki thi

मीथेन गैस की खोज किसने की थी -मिथेन गैस की खोज नवंबर 1776 में इतालवी भौतिक विज्ञानी एलेसेंड्रो वोल्टा (Alessandro Volta, जन्म 18 फरवरी, 1745-मृत्यु 7 मार्च, 1827) ने की थी। उन्हे यह गैस इटली की प्रसिद्ध झील मजोरे (Lake Maggiore) में मिली थी। इसके बाद लगभग 1778 तक वे मीथेन को एक गॅस के रूप में अलग करने में कामयाब हो गए थे। इस प्रकार प्राकृतिक रूप से पायी जाने वाली मिथेन गैस को सबसे पहली बार एलेसेंड्रो वोल्टा ने पहचाना था। Alessandro Volta वही वैज्ञानिक थे जिन्होंने इलैक्ट्रिक बैटरी का भी आविष्कार किया था।

मीथेन गैस कहाँ पाई जाती है?

पृथ्वी की सतह के नीचे मीथेन का उत्पादन विभिन्न प्रक्रियाओं द्वारा जैविक, रासायनिक, भौतिक और भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं और प्रतिक्रियाओं के अंतिम उत्पाद के रूप में होता है। पृथ्वी की सबसे ऊपरी सतह के नीचे पाई जाने वाली Mantle, मीथेन का मुख्य भंडार है। इस गैस की बड़ी मात्रा भूगर्भीय भंडारों, जिंहे प्राकृतिक गैस फील्ड के नाम से जाना जाता है, में पाई जाती है। प्राकृतिक गैस क्षेत्र वर्तमान में मानवीय उपयोग के लिए निकाली जाने वाली मीथेन का मुख्य स्रोत हैं। इसके अलावा यह कोयले की खदानों में भी पाई जाती है।

वातावरण में मीथेन के तीन मुख्य स्रोत हैं:

  1. प्राकृतिक और तकनीकी उत्पत्ति से जैविक उत्पादन,
  2. लिथोस्फेरिक स्रोतों से अजैविक उत्पादन, और
  3. मनुष्यों द्वारा उत्पन्न मीथेन जैसे कि उद्योग और कृषि ।

चरागाह से लेकर दलदल तक, पृथ्वी पर मीथेन उत्सर्जन कई जगहों पर होता रहता है। प्रकृति में, मीथेन का उत्पादन पानी के नीचे वनस्पति पदार्थ (पौधे और जानवरों के पदार्थ) के Anaerobic Bacterial Decomposition के द्वारा मार्श गैस (Marsh Gas) के रूप में होता है। मार्श गैस मीथेन गैस ही होती है। इस प्रकार से उत्पन्न होने वाली इस गैस का प्रमुख प्राकृतिक स्रोत Wetlands जैसे की दलदल या अन्य आर्द्रभूमि होती हैं। मीथेन के अन्य महत्वपूर्ण प्राकृतिक स्रोतों में ज्वालामुखी, समुद्र तल में वेंट्स और महाद्वीपीय मार्जिन तथा अंटार्कटिक बर्फ और आर्कटिक पर्माफ्रॉस्ट के नीचे बनने वाले मीथेन हाइड्रेट के भंडार हैं। प्राकृतिक गैस में सबसे अधिक मीथेन ही होती है। स्रोत के आधार पर प्राकृतिक गैस में मीथेन लगभग 50 से 90 प्रतिशत तक पाई जाती है।

मिथेन गैस के उपयोग क्या है।

मीथेन एक महत्वपूर्ण ईंधन है। अन्य हाइड्रोकार्बन ईंधन की तुलना में, मिथेन जलाने से कम कार्बन डाइऑक्साइड बनती है। मिथेन उच्च तापमान पर भाप के साथ प्रतिक्रिया कर के कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन का उत्पादन करती है जिसका उपयोग अमोनिया के निर्माण में किया जाता है। इस अमोनिया का उपयोग खाद-उर्वरकों और विस्फोटकों इत्यादि के निर्माण में किया जाता है। इसके अलावा मीथेन से प्राप्त अन्य महत्वपूर्ण रसायनों में मेथनॉल, क्लोरोफॉर्म, कार्बन टेट्राक्लोराइड, और नाइट्रोमेथेन शामिल हैं। मीथेन से कार्बन ब्लैक बनता है, जो ऑटोमोबाइल टायर के लिए उपयोग किए जाने वाले रबर में प्रबलिंग एजेंट का काम करता है। गैस पाइपलाइनों के माध्यम से, प्राकृतिक गैस के रूप में, मीथेन को ईंधन के रूप में खाना पकाने के उद्देश्य से उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग बिजली पैदा करने के लिए भी किया जाता है। इसके अलावा एसिटिक एसिड और एसिटिक एनहाइड्राइड के उत्पादन में भी इस गैस की आवश्यकता पड़ती है।

मीथेन गॅस और ग्लोबल वार्मिंग

पृथ्वी के वायुमंडल में लगातार मिथेन गैस का बढ़ता प्रतिशत पर्यावरणीय चिंता का विषय है क्योंकि यह गैस वायुमंडल में आने के बाद, पहले दो दशकों में, कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में 84 गुना अधिक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस के रूप में कार्य करती है। औद्योगिक क्रान्ति के बाद से (1750 से ) वायुमंडल में इस गैस का उत्सर्जन बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में मिथेन वायुमंडल में लगभग 1860 parts per billion (सितम्बर 2018 में) है। आज से 200 वर्ष पहले 1800 में इसका Concentration 61% कम 727 parts per billion के स्तर पर था । यदि इसके बढ़ते उत्सर्जन को नहीं रोका गया तो पृथ्वी के तापमान में और बढ़ोत्तरी हो जाएगी जिससे जलवायु प्रभावित होगी।

मीथेन के रासायनिक गुण

  • Boiling point:  -161.5 °C
  • Melting point:  -182.5 °C
  • Molecular shape:  tetrahedral
  • Auto ignition temperature:  537 °C
  • मोलर द्रव्यमान: 16.04 ग्राम / मोल
  • घनत्व:    0.415 से 0.45 ( -259.6° F पर) या 0.7168 ग्राम / लीटर
  • Heat of Combustion: -890.8 KJ / मोल

पृथ्वी के अलावा यह गैस मंगल, बृहस्पति और प्लूटो इत्यादि ग्रहों पर तथा कई खगोल पिंडों पर भी पाई जाती है। मिथेन गैस पानी में घुलनशील नहीं होती है।

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