मीनार की ऊंचाई ज्ञात करने के लिए किस चीज का प्रयोग किया जाता है ?

किसी भी चीज़ का पता लगाने के लिए सभी के लिए उचित मापदंड तय किए गए हैं। कुछ चीज़ों का पता लगाने के लिए यंत्रों का निर्माण हुआ है। तो वहीं, कुछ का पता लगाने के लिए विभिन्न गणितीय सूत्रों (Formula) की मदद ली जाती है। इस प्रश्न का उत्तर भी गणितीय सूत्रों  की मदद से ही पता लगाया जा सकता है।

किसी भी मीनार या किसी भी ऊंची चीजों का पता लगाने के लिए किसी यंत्र का नही, बल्कि गणितीय सूत्र का उपयोग किया जाता है। मीनार की ऊंचाई पता करने के लिए सामान्यतः त्रिकोणमिति  (Trigonometry) का ही उपयोग किया जाता है। Trigonometry के कई अलग – अलग सूत्रों यानी फॉर्मूले की मदद से किसी भी इमारत की ऊंचाई ज्ञात की जा सकती है।

मीनार की ऊंचाई ज्ञात

इसके अलावा एक यंत्र मौजूद है, जिसकी मदद से किसी मीनार या ऊंची जगहों की ऊंचाई मापी जा सकती है। लेकिन इसमें भी त्रिकोणमिति के सूत्रों का उपयोग किया ही जाता है। सामान्य रूप से Clinometer नाम के एक यंत्र का उपयोग मीनार समेत ऊंची बिल्डिंग इत्यादि की वास्तविक ऊंचाई ज्ञात करने के लिए उपयोग किया जाता है। Clinometer को Inclinometer के नाम से भी जाना जाता है। इसकी मदद से किसी भी वस्तु का Angles of slope,  Elevation या Depression इत्यादि का पता लगाया जाता है।

Clinometer से मीनार की ऊंचाई ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित सूत्र (फॉर्मूले) का उपयोग किया जाता है।

Height of Object = H + D TanA

जहां,

  • H = ज़मीन से Clinometer की ऊंचाई
  • D = वस्तु से Clinometer की दूरी
  • A = Clinometer पर दर्ज किए गए कोण (Angle) का मान

इसके अलावा भी कई अन्य गणितीय सूत्रों की मदद से आसानी से किसी मीनार, किसी पेड़, किसी ऊंची इमारत इत्यादि की ऊंचाई का पता लगाया जा सकता है।

Read More :-

Leave a Reply