Mushroom खाने से क्या होता है ?

वैसे तो मशरूम fungus प्रजाति में आते हैं लेकिन ये हमारे शरीर को कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रदान करते हैं। चूंकि ये Edible या खाने योग्य होते हैं इसलिए इन्हे हम सब्जियों के रूप में वर्गीकृत करते हैं।मशरूम खाने से हमारे शरीर में कई विटामिन और मिनरल मिलते हैं जो हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखने में मदद करते हैं।

इनसे हमें रोगों और संक्रमण से लड़ने में भी मदद मिलती है। आइए जानते हैं मशरूम खाने से क्या होता है और हमारे शरीर पर इससे क्या प्रभाव पड़ता है। लेकिन सबसे पहले जान लेते हैं कि मशरूम कितने प्रकार के होते हैं।

मशरूम के प्रकार (Types of Mushrooms):

दुनिया में कई अलग-अलग प्रकार के मशरूम होते हैं। कुछ महत्वपूर्ण मशरूम की प्रजातियाँ ये हैं:

  1. बटन मशरूम (Button Mushroom)
  2. सीप या Oyster Mushroom
  3. Lobster Mushroom
  4. Portobello Mushroom
  5. Cremini Mushroom
  6. Morel Mushroom
  7. Enokitake Mushroom
  8. PorciniMushroom
  9. MilkyMushroom
  10. Paddy Straw Mushroom
  11. Maitake Mushroom
  12. Shiitake Mushroom
  13. Shimeji Mushroom
  14. Beech Mushroom
  15. King Trumpet Mushroom
  16. Black Trumpet Mushroom
  17. Chanterelle Mushroom
  18. Hedgehog Mushroom
  19. Clamshell Mushroom

ऊपर दिये गए मशरूम में सफ़ेद बटन मशरूम, सीप मशरूम और शीटेक मशरूम ज्यादा प्रचलित हैं। दुनिया में सबसे ज्यादा मशरूम चीन में होता है। मशरूम उत्पादन में भारत का दुनिया में 18वां स्थान है।

खाने योग्य जो भी मशरूम हैं उनमें ऑयस्टर मशरूम का बहुत विशेष महत्व है क्योंकि ये हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर और कैंसर पर सबसे अधिक असर डालते हैं।

ऑयस्टर मशरूम सबसे बड़े और बहुमुखी मशरूमों मे गिने जाते हैं। ये अलग-अलग आकार के होते हैं। ऑयस्टर  मशरूम की खेती आसानी से की जा सकती है। ये देखने में बहुत सुंदर होते हैं और कई अलग-अलग रंगों में आते हैं।

जंगल में पुराने पेड़ों की सड़ती लकड़ी पर प्राकृतिक रूप से होने वाले ऑयस्टर मशरूममें थोड़ी मीठी, सौंफ जैसी गंध होती है। देखने में ये मशरूम समुद्र में होने वाली सीप की तरह होता है। इसलिए इसका नाम Oyster Mushroom पड़ा है।

ऑयस्टर मशरूमभी लगभग 40 प्रकार के होते हैं और ये सभी प्रकार खाने योग्य होते हैं। इस मशरूम को खाने से होने वाले स्वास्थ्य लाभों में कोलेस्ट्रॉल को कम करना, हृदय को स्वस्थ्य रखना, और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करना जैसी चीज़ें शामिल हैं। ऑयस्टर मशरूमपेट की पाचन शक्ति को स्वस्थ्य बनाकर Metabolism में भी फायदा करता करता है।

ऑयस्टर मशरूम ज्यादातर वसा रहित (Fatfree)होते हैं और नियासिन, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी 6 और थियामिन सहित शरीर के लिए आवश्यक खनिजों और कई महत्वपूर्ण विटामिनों का एक अच्छा स्रोत हैं।

एक कप (लगभग 85 ग्राम) ऑयस्टर मशरूम में निम्नलिखित पोषक तत्व होते हैं:

  • कैलोरी: 28
  • कार्बोहाइड्रेट:5 ग्राम
  • प्रोटीन: 3 ग्राम
  • वसा: <1 ग्राम
  • फाइबर: 2 ग्राम
  • नियासिन: दैनिक मूल्य का 27% (DV)
  • पैंटोथेनिक एसिड (विटामिन बी5): 22% (दैनिक आवश्यकता का )
  • फोलेट: DVका 8%
  • कोलाइन: : DVका 8%
  • पोटेशियम:: DV. का 8%
  • आयरन: : DV का 6%
  • फास्फोरस: : DV . का 8%
  • जिंक: : DV का 6%

(DV =Daily Value)

इसके अलावा इस मशरूम में विटामिन डी और सेलेनियम भी पाया जाता है। ऑयस्टर मशरूम एंटीऑक्सिडेंट से भी भरपूर होते हैं।

इस मशरूम में फाइबर, विटामिन, खनिज और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की मौजूदगी के कारण ये एक सुपर फूड के रूप में प्रचलित हो रहा है।

मशरूम खाने से होने वाले फायदे

वैसे तो मशरूम में 90 प्रतिशत पानी होता है लेकिन इनमें शरीर को फायदा पहुँचाने वाले कई पोशाक तत्व भी मौजूद होते हैं। मशरूम खाने से हमारे शरीर को एंटीऑक्सीडेंट और कई विटामिन मिलते हैं जो हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं।

आइए जानते हैं कि मशरूम खाने से क्या फायदेहोते हैं और ये हमारे शरीर को रोगों से लड़ने में कैसे सहायता करते हैं:

1.  कैंसर से बचाता है मशरूम

मशरूम खाने से हमारे शरीर में कैंसर से लड़ने की शक्ति मिलती है। अमेरिकन नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूटका मानना है कि मशरूम में पाये जाने वाले विटामिन डी और एंटीऑक्सीडेंट गुण मानव शरीर की Cells या कोशिकाओं के विकास चक्र को नियंत्रित करके फेफड़े, स्तन, प्रोस्टेट और अन्य प्रकार के कैंसर से बचाने की क्षमता रखते हैं।

वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर भी पहुंचे हैं कि मशरूम खाने से स्तन कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने की प्रक्रिया को कम किया जा सकता है।

कुछ वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि मशरूम का विटामिन डी सप्लीमेंट कई प्रकार के कैंसर को रोकने या उसका इलाज करने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही मशरूम खाने से बुढ़ापे में होने वाले अल्जाइमररोग के खतरे को भी कम किया जा सकता है। हालांकि मशरूम में विटामिन डी की मात्राबहुत थोड़ी पायी जाती है।

2. हृदय रोग में फायदेमंद है मशरूम

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का मानना है कि हृदय रोगों से बचने के लिए भोजन में पोटेशियम का होना जरूरी है। मशरूम में प्राकृतिक रूप से पोटेशियम,एंजाइम और फाइबर पाया जाता है जो हृदय रोग के जोखिम को कम करने बहुत मदद करता है।

वास्तव में पोटेशियम हमारे ब्लड प्रैशर या रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। इससे उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन को कम करने में सहायता मिलती है जिससे हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है।

खाने में नमक की मात्रा कम करने और पोटेशियम वाले अधिक खाद्य पदार्थ खाने से उच्च रक्तचाप(हाइपरटेंशन) कंट्रोल में रहता है। इससे हृदय की धमनियों पर दबाव नहीं पड़ता और हृदय रोगों से बचा जा सकता है।पोटेशियम की कमी से चिड़चिड़ापन ,थकानऔर उच्च रक्तचाप होता है।एक कप मशरूम में सिर्फ 5 मिलीग्राम सोडियम होता है।

वयस्कों को प्रतिदिन लगभग 4,700 मिलीग्राम पोटेशियम का सेवन करना चाहिए। रोजाना इस्तेमाल होने वाले White Button Mushrooms के 100 ग्राम में 356 मिलीग्रामपोटेशियम होता है जो DV या Daily Value (मतलब रोजाना हमारे शरीर की आवश्यकता) का 8 % होता है।

जिन लोगों में विटामिन सी की कमी होती है उनमें हृदय रोग का खतरा अधिक होता है। ऐसे में मशरूम खाने से मिलने वाला विटामिन सी लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

3. वजन घटाने में काम आता है मशरूम

मशरूम खाने से होने वाले फ़ायदों में वजन कम करना और अपनी उम्र के अनुसार नियंत्रित करना भी शामिल है। असल में बहुत लोग ऐसे हैं जो मशरूम को रेड मीट (Red Meat)के बदले खाना पसंद करते हैं ताकि उनके भोजन से मिलने वाला कैलोरी, वसा (Fat)और कोलेस्ट्रॉल कम हो सके।

मशरूम में कैलोरी कम होती हैं और हमारे शरीर की Metabolismको भी ठीक कर केशरीर के Extra Fat कोखत्म करने में मदद करते हैं। मशरूम ऐसा भोजन है जो वसा रहित, कोलेस्ट्रॉल मुक्त और सोडियमकी मात्रा में कम होता है।

अगर हम व्यायाम और जीवनशैली में बदलाव के साथ भोजन में मशरूम खाने की आदत डाल लें तो शरीर का वजन घटाने में सहायता मिलती है। अगर मांस या High Calorie वाले भोजन के स्थान पर सीप या Oyster मशरूम खाने में इस्तेमाल किया जाए तो BMI (Body Mass Index) को कुछ महीनों में ही ठीक किया जा सकता है।

4. शूगर के मरीज भी खा सकते हैं मशरूम

जो लोग मधुमेह या डायबिटिज़ से पीड़ित हैं वो भीमशरूम खा सकते हैं।एक अच्छा फाइबर युक्त भोजन होने के साथ-साथ,मशरूम में बीटा-ग्लूकन (beta-glucan) भी पाया जाता है जो हमारे खून में ग्लूकोज (रक्त शर्करा) के स्तर को नियंत्रित करता है। इससे टाइप 2 मधुमेह(Type 2 Diabetes) होने का खतरा कम हो जाता है।

जिन लोगों को पहले से ही शुगर का रोग हो चुका है, वो लोग भी भोजन में मशरूम इस्तेमाल कर सकते हैं। Dietary fibre की अच्छी मात्रा होने और ग्लूकोज की कम मात्रा होने के कारण मशरूम, ब्लड में शूगर नियंत्रित करने के लिए भी खाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

एक कप मशरूम (यानि लगभग 85 ग्राम) में 1 ग्राम फाइबर होता है। डॉक्टरों का मानना है कि मशरूम खाने से इंसुलिन बनने में भी मदद मिलती है।

5. मशरूम खाने से मजबूत होता है इम्यून सिस्टम

मशरूम हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने वाले एंटीऑक्सीडेंट पोषक तत्व सेलेनियम का प्रमुख स्रोत हैं।

मशरूम में पाये जाने वाले एंटीऑक्सिडेंटसेलेनियम, तथा अल्फा- और बीटा-ग्लूकनशरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं। शरीर की Cellsया कोशिकाओं को अगर नुकसान होता है तो Chronic Diseases या गंभीर बीमारियाँ होने का खतरा बन जाता है।

इसके अलावा, मशरूम में एर्गोथायोनीन (ergothioneine) भी पाया जाता है जो एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट है। ये भी हमारे शरीर की कोशिकाओं की रक्षा करने में मदद करता है। इनकी मदद से हमारा शरीर रोगों और संक्रमण से लड़ता है।

6. शरीर को जवान बनाए रखता है मशरूम

आजकल की भागदौड़ वाली जिंदगी में स्ट्रैस या तनाव होना आम बात है। लेकिन जितना ज्यादा लोगों को तनाव हो रहा है उतनी ही जल्दी उनके शरीर में बुढ़ापे के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं।

मशरूम में दो एंटीऑक्सिडेंट तत्व, एर्गोथायोनीन और ग्लूटाथियोन की अच्छी मात्रा होती है। वैज्ञानिक शोधों में पाया गया है कि मनुष्य के शरीर में जब ये एंटीऑक्सिडेंट एक साथ मौजूद होते हैं, तो वे शरीर को तनाव से बचाने के लिए बहुत काम आते हैं, जिससे उम्र बढ़ने के लक्षण जल्दी दिखाई नहीं देते।

7. हड्डियों को मजबूत बनाता है मशरूम

ये तो सभी जानते हैं कि विटामिन डी से हड्डियाँ मजबूत होती हैं। लेकिन क्या आपको मालूम है कि मशरूम में विटामिन डी भी पाया जाता है।

जो मशरूम बाहर धूप (UV light)में उगाये जाते हैं उनमें विटामिन डी की अच्छी मात्रा होती है। ऐसे मशरूम खाने से हमारे शरीर को विटामिन डी की खुराक मिलती है। जो मशरूम धूप में उगाये जाते हैं उनमें एर्गोस्टेरॉल नामक एक कम्पाउण्ड या यौगिक को सीधे विटामिन डी में परिवर्तित करने की क्षमता होती है।

यानि अपनी हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए मशरूम में प्राकृतिक रूप से पाये जाने वाले विटामिन डी का इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रतिदिन सिर्फ 85 ग्राम मशरूम खाने से हम अपनी दैनिक विटामिन डी की आवश्यकता (जो 10-20 microgram होती है) को पूरा कर सकते हैं।

ऊपर दिये गए फ़ायदों के अलावा भी मशरूम खाने से कई फायदे हैं। उदाहरण के लिए कई महिलाएं गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के अच्छे स्वास्थ्य के लिए फोलिक एसिड, या फोलेट की tablet लेती हैं।लेकिन मशरूम खाने से मिलने वाला फोलेट भी उन्हे यह आवश्यक पोषक तत्व प्रदान कर सकता है।

बुढ़ापे में दिमाग को सही से काम करने और स्मरण शक्ति बनाए रखने में भी मशरूम खाना बहुत मदद करता है।

मशरूम के पोषक तत्व (Nutritional content in Mushrooms)

लगभग सभी मशरूम में एक जैसे ही पोषक तत्व पाये जाते हैं। मशरूम में थायमिन, राइबोफ्लेविन, बी-6, और बी-12 जैसे BVitamins भी पाये जाते हैं।

बी विटामिन हमारे शरीर में प्रोटीन, वसा (Fat)और कार्बोहाइड्रेट को तोड़कर शक्ति प्रदान करने में मदद करते हैं। हमारे शरीर के nervous system को सुचारु रूप से चलाने में भी इनकी भूमिका होती है।

पोषक तत्व Nutrientएक कप (90ग्राम )में मात्रा दैनिक आवश्यकता
Energy(Calorie)211600-3200
Protein (g)      346-56
Carbohydrate (g)3.1130
Calcium (mg)2.91000-1300
Iron (mg)0.58-18
Magnesium (mg)8.6310-420
Phosphorus (mg)  82.6700-1250
Potassium (mg)   3054700
Sodium (mg)4.82300
Zinc (mg)0.58-11
Copper (mcg)305890-900
Selenium (mcg)8.955
Vitamin C (mg)   2.065-90
Vitamin D (mg)0.215
Folate (mcg DFE)16.3400
Choline (mg)16.6400-550
Niacin (mg)3.514-16

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