नालंदा विश्वविद्यालय कहां पर है ? where was nalanda university situated

नालंदा विश्वविद्यालय बिहार राज्य के नालंदा ज़िले के तहत आने वाले राजगीर में है। राजगीर का पुराना नाम Girivraj है। यह बिहार की राजधानी पटना से 95 किलोमीटर दक्षिण की ओर स्थित है। नालंदा पहले पटना ज़िला का ही हिस्सा था, लेकिन 1972 में इसे पटना से अलग करते हुए एक नए ज़िले के रूप में स्थापित किया गया। वर्तमान समय में नालंदा विश्वविद्यालय के कारण ही नालंदा ज़िला विश्व भर में जाना जाता है। यहां बड़े स्तर पर नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष बाकी है, जिसे एक tourist place के रूप में विकसित किया जा चुका है। इस कारण विश्व भर से पर्यटक यहां आते रहते हैं।

जब नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना 5वीं शताब्दी में की गयी थी, यह सभी क्षेत्र मगध क्षेत्र के तहत आता था। उस समय मगध पर गुप्त साम्राज्य का शासन था। इस समय इस विश्वविद्यालय का निर्माण करवाया गया था। इसके नालंदा में निर्माण की बड़ी वजह यह थी कि मगध राज्य की राजधानी राजगीर थी। साथ ही यह एक बड़ा business केंद्र भी था। तथा एक ऐसे स्थान पर यह क्षेत्र था, जहां से बौद्ध तथा जैन धर्म की काफी गहरी आस्था जुड़ी हुई है।

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माना जाता है कि बौद्ध तथा जैन धर्म, दोनो ही राजगीर से ही बड़े स्तर पर फैले तथा नालंदा विश्वविद्यालय की मदद से विश्व भर से छात्र इन धर्मों का ज्ञान हासिल करने यहां आते थे।

राजगीर शहर विश्व के सबसे पुराने शहरों में से एक है। इस शहर की स्थापना का श्रेय Samrat Brihadratha को दिया जाता है। माना जाता है कि इस शहर की स्थापना 2000 BCE में ही हुई थी। पाटलिपुत्र के मगध की राजधानी बनने से पहले राजगीर ही मगध की पहली राजधानी हुआ करता था। राजगीर का महत्व बौद्ध धर्म में काफी अधिक है।

माना जाता है कि गौतम बुद्ध ने काफी समय राजगीर में ही बिताया था। इसके अलावा जैन धर्म के 14वें तीर्थकर महावीर ने भी अपनी ज़िंदगी के 14 साल राजगीर में ही बिताए थे। इस कारण यह आज भी आस्था का केंद्र है। इस कारण वर्तमान समय में भी बिहार आने वाले कुल पर्यटकों का अधिकतर भाग केवल राजगीर में ही आता है।

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