नंबर की खोज किसने की थी – नंबर क्या है ?

संख्या यानी Number मौजूदा समय में मानव जीवन का आधार कहा जा सकता है। विज्ञान की बड़ी – बड़ी खोजों से ले कर आम जीवन में भी संख्या का उपयोग किया जाता है। नंबर को इसकी परिभाषा के आधार पर देखें तो नंबर एक गणितीय वस्तु ( Mathematical Object ) है जिसका उपयोग गिनती में, मापने में तथा पहचान में किया जाता है। 1, 2, 3… को प्राकृतिक संख्या कहा गया है।

number ki khoj kisne ki

सामान्यतः हम सब के जीवन में हर पल उपयोग होने वाले नंबर की शुरुआत कब हुई, इसे कब से उपयोग किया जा रहा है ये बाते सभी को नहीं मालूम होती है। अधिक्तर लोग इस ओर ध्यान भी नही देते हैं। आज इस लेख में बताएंगे कि आखिर नंबर की शुरुआत कब हुई थी तथा नंबर की खोज किसने की थी।

नंबर का इतिहास

नंबर का इतिहास बहुत पुराना है। इसके बारे में कोई ठोस तथ्य नही है लेकिन कहा जा सकता है कि नंबर की शुरूआत मौजूदा समय में उपयोग में आने वाली प्राकृतिक संख्याओं के रूप में नही हुई थी। जो कुछ तथ्य हैं, उनसे मालूम होता है तथा ऐसी संभावना जताई जाती है कि नंबर का इतिहास भी लगभग मानव इतिहास के ही जितना पुराना है। यानी कि पृथ्वी पर मनुष्यों के आने के बाद ही नंबर का भी आगमन हो गया था।

हलाँकि उस समय के नंबर मौजूदा दौर जैसे नही थे। उस समय नंबर के रूप में कुछ खास प्रतीक चिन्ह ( Symbols ) का उपयोग किया जाता है यानी कि नंबर को दर्शाने के लिए प्रतीक चिन्हों का उपयोग किया जाता था। नंबर को व्यक्त करने के लिए प्रतीक चिन्हों का सबसे पहले उपयोग करने का सबूत मिश्र के लोगों ( Egyptians ) द्वारा मिलता है। मिश्र के लोगों ने ही सबसे पहले Ciphered Numeral System की खोज की तथा इसका उपयोग किया।

इसके बाद इस पद्धति को यूनानी लोगों ने उपयोग किया। यूनानियो ने इसका उपयोग अक्षरों के साथ किया था। इसके बाद यह रोम के लोगों के बीच पहुंचा तथा इन्होंने इसे अक्षर तथा कुछ खास अक्षर के साथ उपयोग करना शुरू किया। यूरोप में गिनती की पद्धति अरेबियन नंबर सिस्टम के आने तक उपयोग होती रही। अरेबियन नंबर सिस्टम 14th Century में उपयोग में आना शुरू हुआ तथा देखते ही देखते विश्व भर में फैल गया जो कि आज तक उपयोग में है।

  • नंबर की खोज मिश्र में हुई हालांकि तब नंबर को व्यक्त करने के लिए संकेतों का उपयोग होता है।
  • नंबर का सबसे पहला उपयोग

नंबर के सांकेतिक उपयोग का सुबूत लगभग 40,000 साल पहले का मिलता है। उस काल के कुछ अवशेष जब मिले तो उन अवशेषों में से कुछ हड्डियों तथा वस्तुओं पर कुछ खास निशान ( Marks ) लगे हुए थे। गहन शोध के बाद पाया गया कि यह निशान इस समय के नंबर सिस्टम का ही हिस्सा था। इसे नंबर की शुरुआत कहा जा सकता है जो कि Tally Marks के रूप में था।

Tally Marks के बारे में बता दें कि इस सिस्टम का उपयोग  गिनती के लिए किया जाता था। इस सिस्टम में तब केवल बड़ी मात्रा में ही चीज़ों को गिना जाता था क्यों कि इसमें दशमलव का कोई कंसेप्ट नही था। दशमलव की खोज काफी बाद में हुई है। फिर भी उस समय के इसी Tally Marks को सबसे पहले उपयोग में आने वाला नंबर सिस्टम माना जाता है।

इस लेख के पढ़ने के बाद हम उम्मीद करते हैं कि नंबर की खोज किसने की थी, इस बारे में जानकारी आपको मिल गयी होगी। अगर आप, नंबर की खोज किसने की थी, इस पर कुछ और सुझाव देना चाहते हैं या किसी अन्य प्रकार का सुझाव या सलाह देना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं। इसी तरह की जानकारी पाते रहने के लिए इस Website से जुड़े रहें।

Arvind Patel

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