पी. वी. नरसिम्हा राव की जीवनी – P.V. Narsimha Rao Biography In Hindi

  • श्री पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव
  • भारत के प्रधानमंत्री :- दसवें (10th)
  • कार्यकाल :- 21 जून, 1991 – 16 मई 1996      
  • जन्म :- 1921
  • मृत्यु :- 2004    
  • राजनीतिक पार्टी :- कॉंग्रेस                                              
  • निर्वाचन क्षेत्र :- नांदयाल, आंध्र प्रदेश
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Pamalaparti Venkata Narasimha Rao (पामुलपर्ति वेंकट नरसिम्हा राव) या पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव भारत के नौवें Prime Minister (प्रधानमंत्री) थे जिंहोने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में ऐसे समय में बागडोर संभाली जब भारतीय अर्थव्यवस्था एक बदलाव के मोड़ पर थी। उन्होंने भारतीय Economy में उन नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जो भारत को 21st Century में एक Economic Power (आर्थिक महाशक्ति) बनाने की ओर ले जाने में सक्षम थीं। साहित्य में विशेष रुचि लेने वाले श्री पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव south India के पहले व्यक्ति थे जिन्हें भारत के प्रधानमंत्री के पद पर सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ था। Father of Indian Economic Reforms (“भारतीय आर्थिक सुधारों के जनक”) के नाम से भारतीय राजनीति में जाने जाने वाले श्री नरसिम्हा राव को भारतीय अर्थव्यवस्था के Liberalization (उदारीकरण) और लाईसैन्स राज को खत्म करने के लिए भी याद किया जाता है।

पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव का व्यक्तिगत जीवन परिचय

पी.वी. नरसिम्हा राव का जन्म 28 june, 1921 के दिन वर्तमान तेलंगाना राज्य के करीमनगर के एक छोटे से गाँव में हुआ था। नरसिम्हा राव श्री रंगा राव के पुत्र थे। Telugu ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाले श्री पी.वी. नरसिम्हा राव को पाँच Sons और 3 Daughters हुईं थीं।

नरसिम्हा राव जी को पीवी के नाम से भी जाना जाता था। अध्ययन के दिनों से ही नरसिम्हा राव साहित्य के प्रति बहुत रुचि रखते थे। कानून में Graduation और मास्टर डिग्री हासिल करने वाले नरसिम्हा राव की शिक्षा Pune के Fergusson College (फर्ग्यूसन कॉलेज) और Bombay (अब मुंबई) और Nagpur के विश्वविद्यालयों में हुई थी। नरसिम्हा राव को कई Languages (भाषाओं) का ज्ञान था जिनमें English, Urdu, Marathi, Kannada, Hindi, Tamil, Telugu, Sanskrit, Punjabi और Oriya जैसी भाषायेँ प्रमुख हैं। इसके अलावा उन्हें कई विदेशी भाषाओं जैसे कि French, अरबी, स्पेनिश, German, Greek, लैटिन और फारसी इत्यादि का भी ज्ञान था। साहित्य से लगाव के कारण नरसिम्हा राव ने, 1948 से 1955 के बीच, अपने तीन चचेरे भाइयों के साथ मिलकर के काकातीय नामक एक तेलुगु Weekly (साप्ताहिक पत्रिका) का संपादन किया और इसमें Articles भी लिखे।

राजनीति में प्रवेश

नरसिम्हा राव Indian Freedom Struggle (भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन) के समय से ही भारतीय politics में सक्रिय हो गए थे। भरात की स्वतंत्रता के बाद नरसिम्हा राव ने Indian National Congress (INC) के सदस्य के रूप में पार्टी में शामिल हो गए। आंध्र प्रदेश की राज्य विधान सभा में उनका आगमन 1957 में हुआ था जहां वे 1977 तक विधायक के रूप में कार्य करते रहे। इस दौरान 1962-1971 के वर्षों में आंध्र प्रदेश की सरकार में वो कैबिनेट मंत्री तथा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर सितंबर 1971-जनवरी 1973 में कार्य करते रहे।

Andhra Pradesh के Chief Minister के रूप नरसिम्हा राव का कार्यकाल Land Reforms (भूमि सुधारों) और Land Ceiling Acts (भूमि सीलिंग एक्ट) को सख्ती से लागू करने तथा पिछड़ी और छोटी समझी जाने वाली जातियों के लिए राजनीतिक भागीदारी हासिल करने के लिए याद किया जाता है। राजनीति में Indira Gandhi के सहयोगी और supporter माने जाने वाले नरसिम्हा राव ने इन्दिरा गांधी और राजीव गांधी दोनों की सरकारों में कई Important मंत्री पद प्राप्त किए। केंद्र की राजीव गांधी और इन्दिरा गांधी सरकारों में वे विदेश मंत्री (1980-84, 1988) -89), गृह मंत्री (19 जुलाई, 1984 से 31 दिसंबर, 1984) और रक्षा मंत्री (31 दिसंबर, 1984 से 25 सितंबर, 1985 तक) के पदों पर रहे। इसके अलावा वे मानव संसाधन विकास मंत्री के पद पर भी कार्य किए। नरसिम्हा राव आंध्र प्रदेश में Telugu Academy (तेलुगु अकादमी) के President के रूप में भी साहित्य से जुड़े रहे। साहित्यिक जीवन में उन्होने कई Books और Novels लिखने के साथ-साथ Translations (अनुवाद) भी किए।

प्रधानमंत्री के पद पर: 21 जून, 1991- 16 मई, 1996

नरसिम्हा राव ने 1991 में राजनीति से अपने आप को अलग करने का फैसला कर लिया था। किन्तु राजीव गांधी की बम धमाकों में हत्या के कारण उन्हे काँग्रेस पार्टी को सम्हालने के लिए वापस राजनीति में आना पड़ा। 1991 में हुए लोक सभा चुनावों में भारी जीत के बाद काँग्रेस पार्टी ने नरसिम्हा राव के नेतृत्व में सरकार बनाई।

21 जून, 1991 को भारत के नौवें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले नरसिम्हा राव हरू-गांधी परिवार से बाहर के ऐसे पहले व्यक्ति थे जो लगातार पांच साल तक प्रधान मंत्री के पद पर बने रहे। उनसे पहले कोई भी गैर-काँग्रेसी प्रधानमंत्री पाच साल के पूरे कार्यकाल को पूरा नहीं कर पाया था। हालांकि नरसिम्हा राव भी काँग्रेस के ही थे।

साहित्य, संगीत, सिनेमा और थिएटर जैसी विधाओं में रुचि रखने वाले नरसिम्हा राव ने प्रधानमंत्री के रूप में 5 साल का कार्यकाल पूरा कर के 16 मई, 1996 को इस पद से विदा हुए। नरसिम्हा राव का निधन 23 December, 2004 को New Delhi में हुआ था।

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