पाकिस्तान की जनसंख्या कितनी है 2020

वर्तमान समय में पाकिस्तान जनसंख्या के आधार पर विश्व का छठा सबसे बड़ा देश है। ताज़ा आंकड़ो के अनुसार पाकिस्तान की कुल आबादी 207,775,560 है। यह आबादी विश्व की कुल आबादी का 2.68 प्रतिशत है। पाकिस्तान की कुल आबादी में से लगभग 40 प्रतिशत आबादी पाकिस्तान के शहरी इलाकों में निवास करती है। पाकिस्तान की इतनी बड़ी आबादी के शहर में रहने का बड़ा कारण यह है कि Pakistan में बड़ी तेजी से शहरीकरण हुआ है।

1991 से 2003 के बीच शहरीकरण के मामले में पाकिस्तान Asia में दूसरे नंबर पर रहा था।  पाकिस्तान का कुल क्षेत्रफल 770,880 वर्ग किलोमीटर है। इस लिहाज से यहां का घनत्व 265 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। भारत की तरह पाकिस्तान भी एक युवाओं का देश है। यहां की औसत आयु वर्ग 22.7 साल है।

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अंतिम बार पाकिस्तान की जनसंख्या की जनगणना कब हुई ?

Pakistan में अंतिम बार जनगणना 2017 में की गई थी। उसके अनुसार पाकिस्तान की कुल आबादी में पुरुषों की संख्या 51 प्रतिशत है। जबकि महिलाओं की संख्या 48.76 प्रतिशत है। इसके अलावा बाकी 0.24 प्रतिशत संख्या Transgender की है। यानी पाकिस्तान में लगभग 11 हज़ार की संख्या में Transgender  मौजूद हैं।

पाकिस्तान में Sex Ratio में अंतर भी बढ़ता जा रहा है। 2017 के आंकड़ो के अनुसार पाकिस्तान की कुल आबादी में 100 लड़कियों पर लड़कों की संख्या 105.07 है। 2016 से पाकिस्तान की जन्म वृद्धि दर 2.40 प्रतिशत  रही है।

पाकिस्तान की कुल आबादी देश के अलग – अलग हिस्सों में रहती है। पाकिस्तान के 10 ऐसे शहर है, जिसकी आबादी 10 लाख से अधिक है। Population के मामले में पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर Karachi है। कराची की आबादी 14,916,456 है। इसी तरह दूसरे नंबर पर Lahore है। इसकी आबादी 11,126,285 है। 3,204,726 आबादी के साथ फैसलाबाद तीसरा सबसे बड़ा शहर है।

पाकिस्तान एक मुस्लिम प्रधान देश है। यानी यहां की आबादी में सबसे अधिक संख्या मुसलमानों की है। पाकिस्तान की कुल आबादी का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा केवल मुसलमानों का है। बाकी बचे 4 प्रतिशत में पाकिस्तान में रह रहे बाकी धर्म के लोग शामिल है। बाकी धर्म के लोगों में यानी बाकी 4 प्रतिशत में ही हिंदी, बौद्ध, क्रिश्चियन तथा बाकी सभी अन्य धर्म आते हैं।

भारत – पाक विभाजन के समय पाकिस्तान की जनसंख्या कितनी थी ?

जब भारत पाकिस्तान का बंटवारा नही हुआ था, उस समय यानी 1947 में जब पाकिस्तान अस्तित्व में नही था, तब भारत की कुल आबादी लगभग 39 करोड़ थी। लेकिन  दोनो देश के बंटवारे से बड़ी संख्या में लोग इधर – उधर हुए। इसके अलावा 2 लाख से 20 लाख के करीब लोगों की दुखद मृत्यु भी हुई। ये मृत्यु बंटवारे के समय हुए दंगों इत्यादि में हुई थीं।

बंटवारे के समय बड़ी संख्या में मुस्लिम लोग पाकिस्तान गए पाकिस्तान से बड़ी संख्या में हिन्दू तथा सिक्ख धर्म के लोग भारत आए। विभाजन के समय पाकिस्तान की आबादी 6 करोड़ थी। इसके 3 करोड़ पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) तथा 3 करोड़ पश्चिमी पाकिस्तान यानी वर्तमान पाकिस्तान की जनसंख्या थी।

दोनो देश के बंटवारे के साथ ही लगभग 14.5 करोड़ लोग Displaced हुए। यानी कि भारत से पाकिस्तान गए या पाकिस्तान से भारत आए। आंकड़ो के अनुसार बंटवारे के साथ ही लगभग 65 लाख मुस्लिम भारत से पाकिस्तान गए। वहीं लगभग 47 लाख हिन्दू तथा सिक्ख पाकिस्तान से भारत आए।

इनमें अधिकतर लोग पश्चिमी पाकिस्तान (वर्तमान पाकिस्तान) गए थे। इसी तरह लगभग 26 लाख लोग पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से भारत आए तथा भारत से लगभग 7 लाख लोग तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान गए। संख्या में देखें तो 1951 की जनगणना से पता चला कि भारत से कुल 7,226,600 मुस्लिम पाकिस्तान गए थे। वहीं 7,295,870 हिन्दू एंव सिक्ख पाकिस्तान से भारत आए थे।

भारत पाकिस्तान के विभाजन के बाद पहली बार पाकिस्तान में जनगणना 1951 में की गयी। इस जनगणना में पश्चिमी पाकिस्तान तथा पूर्वी पाकिस्तान को मिला कर कुल आबादी 7.5 करोड़ थी। इसमें से 3 करोड़ 70 लाख की आबादी पश्चिमी पाकिस्तान में थी। जबकि 4 करोड़ 20 लाख की आबादी पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) में थी।

इस आबादी में 1951 की पाकिस्तान की जनगणना के अनुसार 7.5 करोड़ की आबादी में 12.9 प्रतिशत आबादी हिंदुओ की थी। इसमें से अधिकतर हिन्दू पूर्वी पाकिस्तान में ही थे। पूर्वी पाकिस्तान में हिंदुओं की संख्या 22.05 प्रतिशत तथा पश्चिमी पाकिस्तान में 1.6 प्रतिशत हिन्दू थे।

वर्तमान में पाकिस्तान में हिंदुओं की जनसंख्या कितनी है ?

वर्तमान समय में पाकिस्तान में हिंदुओं की संख्या लगभग 40 लाख (3,935,739) है। यह आबादी पाकिस्तान की कुल आबादी का 1.85 प्रतिशत है। पाकिस्तान में सबसे अधिक आबादी मुसलमानों की है। यह लगभग 96 प्रतिशत है। इसके अलावा हिंदुओ की आबादी के लिहाज से हिंदुओं की आबादी वाला विश्व का 5वां सबसे बड़ा देश है। पाकिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा धर्म हिन्दू धर्म है। पाकिस्तान में यह Hindu Population पाकिस्तान के अलग – अलग हिस्सों में रहती है।

पाकिस्तान में हिंदुओं की सबसे बड़ी आबादी सिंध प्रांत में रहती है। पाकिस्तान के हिंदुओं की कुल आबादी का 93.33 प्रतिशत आबादी सिंध में ही रहता है। 1998 में सिंध की कुल आबादी का ही लगभग 7.4 प्रतिशत आबादी हिंदुओं की थी। इसके बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 4.76 प्रतिशत, बलोचिस्तान में 1.6 प्रतिशत, खैबर पख्तूनख्वा में 0.21 प्रतिशत तथा कुछ अन्य आदिवासी क्षेत्रों में 0.08 प्रतिशत हिन्दू  रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के राजधानी क्षेत्र में भी बेहद कम संख्या में हिन्दू रहते हैं। इस्लामाबाद में हिंदुओं की आबादी का 0.008 प्रतिशत लोग रहते हैं।

देश के बंटवारे के समय पाकिस्तान से लगभग 47 लाख हिन्दू एंव सिक्ख भारत आ गए थे। हालांकि इसके बावजूद पाकिस्तान में 1947 में हिंदुओं की संख्या तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) तथा पश्चिमी पाकिस्तान को मिला कर पाकिस्तान की कुल आबादी का 12.9 प्रतिशत थी। हालांकि इसमें से पूर्वी पाकिस्तान यानी वर्तमान बांग्लादेश वाले क्षेत्र में ही अधिक हिन्दू थे। वहां हिंदुओं की संख्या 22.05 प्रतिशत थी।

जबकि वर्तमान पाकिस्तान में केवल 1.6 प्रतिशत हिन्दू थे। दोनो को मिला कर पाकिस्तान की कुल जनसंख्या में इनकी आबादी 12.9 प्रतिशत थी। हालांकि 1971 में पाकिस्तान तथा बांग्लादेश के बंटवारे के बाद पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी में काफी कमी आ गयी। इसकी बड़ी वजह यह थी कि हिंदुओं की बड़ी आबादी बांग्लादेश यानी पूर्वी पाकिस्तान में थी। बंटवारे के साथ ही यह आबादी बांग्लादेश के अंतर्गत चली गयी।

1998 की जनगणना में पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी 1.6 प्रतिशत थी। धीरे – धीरे अब पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी फिर बढ़ रही है। 2013 में पाकिस्तान में 14 लाख हिन्दू मतदाता थे। वहीं 2018 में इनकी संख्या 17.7 लाख हो गयी थी। अनुमान के मुताबित 2050 तक पाकिस्तान हिंदुओं का चौथा सबसे बड़ी आबादी वाला देश बन जाएगा।

वर्तमान में पाकिस्तान में सिखों की जनसंख्या कितनी है ?

हालिया आंकड़ो के अनुसार पाकिस्तान में सिखों की आबादी लगभग 20,000 के आसपास है। ये सिक्ख पाकिस्तान के अलग – अलग हिस्सों में रहते हैं। पाकिस्तान में सिखों की अधिक्तर आबादी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहती हैं। इसके अलावा पाकिस्तान के कई बड़े शहरों में भी सिक्ख रहते हैं। इसमें लाहौर भी शामिल है। मुख्य रूप से पाकिस्तान में सिक्ख की आबादी पंजाब प्रांत के बाद Faisalabad, हसन अब्दल, इस्लामाबाद, लाहौर, ननकाना साहिब, Narowal, पेशावर तथा रावलपिंडी में रहती हैं।

पाकिस्तान में 20 हज़ार सिखों की आबादी ज़रूर है, लेकिन इनमें से पाकिस्तान में आधिकारिक रूप से पाकिस्तान सरकार के अंतर्गत Registered सिखों की संख्या 2012 में 6,146 ही थी। 2018 में इन Registered सिखों की संख्या में ज़रूर कुछ बढ़ोतरी हुई है। 2018 में रजिस्टर्ड सिखों की संख्या 8,852 हो गयी थी। लेकिन अंतराष्ट्रीय संस्थाओं के आंकड़ो के अनुसार भी पाकिस्तान के सभी सिक्ख को मिला कर पाकिस्तान में इनकी संख्या लगभग 20 हज़ार है।

सिक्ख धर्म के लोग शुरू से ही, यानी जब भारत – पाकिस्तान का बंटवारा नही हुआ था, तभी से पाकिस्तान वाले हिस्से मे रहते थे। यह पाकिस्तान के बड़े हिस्से में रहते थे। हालांकि आज़ादी के समय हुए बंटवारे के कारण बड़ी संख्या में हिंदुओं के साथ सिक्ख भी पाकिस्तान से भारत आ गए। अधिकतर सिक्ख भारत के अंतर्गत आने वाले पंजाब में आ कर रुके थे। बड़ी संख्या में सिखों के भारत आ जाने के बाद भी वर्तमान समय में काफी कम संख्या में ही सही, लेकिन पाकिस्तान में सिक्खों की आबादी है।

पाकिस्तान में भी एक समय सिखों का काफी बोल बाला था। 18वीं एंव 19वीं शताब्दी में सिक्ख काफी ताकतवर बन गए। रणजीत सिंह ने सिक्ख साम्राज्य की नींव डाली तथा बड़े हिस्से पर शासन किया। इस दौरान इन्होंने वर्तमान समय में पाकिस्तान के बड़े शहरों में शामिल लाहौर को ही Sikh Empire की राजधानी भी बनाया था। हालांकि कुछ समय बाद इनकी स्तिथि कमज़ोर हो गयी।

पाकिस्तान के अलावा विश्व भर के सिखों के लिए भी पाकिस्तान काफी मायने रखता हैं। क्योंकि Nankana Sahib शहर में 9 गुरुद्वारा है। इसके अलावा यह सिक्ख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव का जन्म स्थान भी है। इसके अलावा पाकिस्तान के करतारपुर में भी सिखों का महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। इन सभी जगह विश्व भर से सिक्ख श्रद्धालु दर्शन करने आते रहते हैं।

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