भौतिकी (Physics) के जनक कौन है । Physics ki khoj kisne ki

हमारी दिनचर्या में ऐसे कई कार्य होते है, जिनको हम करते तो है , परन्तु उनके बारे में विशेष ज्ञान नही रखते। एक विद्यार्थी के तौर पर हम सब ने भौतिकी विषय को पढ़ा है , इसको समझा है। लेकिन उसके उदगम को जानने की चेष्टा कभी नही की। भौतिकी केवल एक विषय नही है, हमारी जिंदगी के कई कार्य सिर्फ इसी के नियमो पर आधारित है। आज के इस article मे हम इसी पर चर्चा करेंगे। हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि वर्तमान में हम जो भौतिकी पढ़ रहे है, उसके जनक कौन थे ? तथा उन्होंने इन नियमों को खोज कैसी की।

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भौतिकी के जनक का नाम

भौतिकी के जनक के रूप में किसी एक व्यक्ति का नाम लेना उचित नही है। सर आइज़क न्यूटन( Sir Isacc Newton)  को इसका जनक माना जाता है, जबकि आधुनिक भौतिकी के जनक अल्बर्ट आइस्टीन् को कहते है। जबकि गैलीलियो का इस विषय में योगदान सराहनीय है। बाकी सबने यह माना है कि, अन्य वैज्ञानिको का कार्य इस विषय के लिये महत्वपूर्ण होगा, लेकिन जो काम न्यूटन ने किया है, वो उनको इस विषय के जनक की उपाधि दिलाता है।

भौतिकी के जनक “Sir Isacc Newton” का जीवन परिचय

भौतिकी के इस महान जनक का जन्म क्रिसमस के दिन यानी 25 दिसम्बर को 1642 मे इंग्लैंड में हुआ था। समय से पहले पैदा होने वाले newton के पिता उनके जन्म के तीन महीने पहले ही दुनिया छोड़ गए थे। वह एक किसान थे। इसको बाद उनकी माँ ने दूसरी शादी कर ली और न्यूटन को उसकी नानी के पास मात्र तीन वर्ष की आयु में छोड़ कर चली गई। न्यूटन की नानी ने उनका लालन पालन किया। King’s school , Grantham में उन्होंने 12 से 17 साल तक शिक्षा प्राप्त की। अपने शिक्षा के शुरुआती दिनों में वह एक सामान्य छात्र थे।  उसके बाद उनको 1659 मे इस स्कूल से निकाल दिया गया। उसके बाद उनके एक चाचा के सहयोग से उनको 1661 मे Trinity college, Cambridge में दाखिला मिल गया।

अपनी मेहनत तथा लगन से धीरे धीरे वह एक मेधावी तथा प्रतिभावान छात्र बन गये। 1664 मे कॉलेज की तरफ से स्कॉलरशिप मिल गई, जिसके चलते वह अपने आगे की पढ़ाई जारी रख सके।1665 में उन्होंने द्विपद प्रमेय ( Binomial Theorem) की खोज की। गणित विषय मे रुचि रखने वाले newton इस subject में भी अपनी कोई न कोई खोज करते रहते। उसी वर्ष उन्होंने एक Mathematical Concept विकसित किया जिसको बाद में कलन ( Calculous) के नाम से जाना गया। अपने ऊपर एक सेव गिरने के कारण जानने के लिये उन्होंने कई सालों इसके कारण की खोज की। उसके बाद उन्होंने उसको पृथ्वी में गुरुत्वाकर्षण बल (Gravity) का नाम दिया। उसके बाद उन्होंने गति के तीन नियम दिये , जो समस्त भौतिकी की जान बन गये। इनके प्रयोग ने इस विषय को एक अलग ही स्तर पर पहुँचा दिया। इन्होंने अपनी अपनी सारी जिंदगी अविवाहित व्यतीत की। ऐसा माना जाता है कि, 20 मार्च 1727 को सोते समय इनकी लंदन शहर में मौत हो गई। उनको वेस्टमिंस्टर एब्बे में दफनाया गया।

Arvind Patel

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