राजीव गाँधी की जीवनी – Rajiv Gandhi Biography In Hindi

  • श्री राजीव गांधी
  • कार्यकाल :- 31 अक्टूबर 1984 से 01 दिसंबर 1989
  • जन्म :- 1944
  • मृत्यु :- 1991
  • राजनीतिक पार्टी :- कॉंग्रेस   
  • निर्वाचन क्षेत्र :- अमेठी (उत्तर प्रदेश)
rajiv gandhi biography in hindi

wikimedia.org

राजीव रत्न गांधी -Rajiv Ratna Gandhi- जिन्हें केवल Rajiv Gandhi नाम से जाना जाता था, भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे। राजीव गांधी केवल 40 वर्ष की उम्र में भारत के प्रधानमंत्री के पद पर बैठे थे।। राजीव गांधी भारत के पहले प्रधानमंत्री श्री Jawaharlal Nehru के Grandson( नाती) और श्रीमती इन्दिरा गांधी के पुत्र थे। राजीव गांधी को उनकी माता इन्दिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में प्रधानमंत्री बनाया गया था। किन्तु राजीव गांधी का भी निधन 1991 में एक बम विस्फोट में हुआ। राजीव गांधी का नाम भारत में सूचना प्रोद्योगिकी को विकसित करने और भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण की ओर ले जाने में अक्सर लिया जाता है। राजीव गांधी ने नवम्बर 1989 में लोकसभा चुनावों में हार के बाद Prime Minister के पद से resign दे दिया था।

राजीव गांधी के प्रारंभिक जीवन के बारे में जानकारी 

20 अगस्त 1944 को मुंबई में जन्में श्री राजीव गांधी फिरोज गांधी और इन्दिरा गांधी के पुत्र थे। राजीव गांधी के भाई संजय गांधी थे, जो अपनी मृत्यु से पहले भारतीय राजनीति में काफी सक्रिय थे। राजीव गांधी इन्दिरा गांधी के बड़े पुत्र और संजय गांधी के बड़े भाई थे। 1947 में भारत की स्वतन्त्रता के समय राजीव गांधी केवल 3 Years के थे जब उनके नानाजी श्री जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले (Red Fort) से पहली बार तिरंगे झंडे को फहराया था। नेहरू के प्रधानमंत्री बनने के बाद राजीव गांधी भी New Delhi आ गए। उनके पिता, फ़िरोज़ गांधी, एक Journalist थे जो भारत के freedom struggle में अपना योगदान देते रहे। देश की आजादी के बाद फिरोज गांधी ने संसदीय चुनावों में जीत हासिल की और एक निडर और मेहनती MP (Member of Parliament) के रूप में विख्यात हुए।

राजीव गांधी ने अपना शुरुआती बचपन Delhi में जवाहरलाल नेहरू और इन्दिरा गांधी के साथ “Teen Murti House” में बिताया था। तीन मूर्ति भवन प्रधानमंत्री बनने के बाद जवाहरलाल नेहरू का आधिकारिक आवास (Official Residience) हुआ करता था।

राजीव गांधी की शिक्षा

राजीव गांधी अपनी शिक्षा के लिए कुछ समय के लिए Dehradun के Welham Prepatory School में भेजे गए। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए राजीव गांधी को उत्तराखंड के देहरादून में स्थित प्रसिद्ध आवासीय दून स्कूल (Doon School) भेज दिया गया। राजीव गांधी के Brother संजय गांधी की शिक्षा भी दून स्कूल से ही हुई। हिमालय की तराई में बसे दून स्कूल में Rajiv Gandhi ने कई मित्र बनाए जिनके साथ उनके अच्छे संबंध थे।

दून स्कूल से शिक्षा पूरी करने के बाद राजीव गांधी उच्च शिक्षा के लिए कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज गए। किन्तु कुछ कारणों से कैंब्रिज छोड़ कर लंदन के इंपीरियल कॉलेज में स्थानांतरित हो गए। राजीव गांधी ने 1965 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग का कोर्स किया।

इंग्लैंड से पढ़ाई पूरी करने के बाद राजीव गांधी ने कमर्शियल पायलट लाइसेंस प्राप्त किया और 1968 की शुरुआत से इंडियन एयरलाइंस के लिए एक पायलट के रूप में काम भी किया। किन्तु यह स्पष्ट था कि राजीव गांधी को राजनीति एक कैरियर के रूप में पसंद नहीं थी। दर्शनशास्त्र, राजनीति या इतिहास के स्थान पर उन्हे विज्ञान और इंजीनियरिंग अधिक पसंद थे। किन्तु Music राजीव गांधी को प्रिय था। आधुनिक संगीत के साथ-साथ राजीव गांधी को Western और हिंदुस्तानी Classical संगीत में भी दिलचस्पी थी। फोटोग्राफी में भी उनकी रुचि थी।

राजीव गांधी की सबसे अधिक किसी बात में अगर दिलचस्पी थी तो वह था aeroplane उड़ना। इसी कारण से इंग्लैंड से लौटने पर राजीव गांधी ने Delhi Flying Club में प्रवेश  लिया था।

राजीव गांधी का विवाह

इंग्लैंड में रहते हुए ही राजीव गांधी की मुलाकात Italy की रहने वाली सोनिया मेनो से हुई जो वहाँ English की शिक्षा ग्रहण कर रही थीं। राजीव गांधी का सोनिया मेनो से विवाह 1968 में नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ।  विवाह के पश्चात राजीव गांधी और सोनिया गांधी को दो सन्तानें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हुई। राजीव गांधी विवाह के पश्चात अपनी माँ और प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के official residence पर रहते थे। यहाँ होने वाली Political गतिविधियों से वो अक्सर अपने आप को अलग रखते थे। राजीव गांधी के पुत्र श्री राहुल गांधी(Rahul Gandhi) वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय कॉंग्रेस पार्टी या INC के President हैं। उनकी पुत्री प्रियंका गांधी भी अब चुनावी रण में उतार चुकी हैं और काँग्रेस पार्टी की नेता हैं।

राजनीतिक कैरियर

संजय गांधी के जीवित रहने तक राजीव गांधी ने भारतीय राजनीति से दूरी बनाई रखी। किन्तु 23 जून 1980 को एक हवाई जहाज़ दुर्घटना में संजय गांधी की मृत्यु के बाद राजीव गांधी की माता इंदिरा गांधी ने उन्हे धीरे-धीरे भारत की राजनीति (Indian Politics) में शामिल करना शुरू कर दिया। राजीव गांधी भारतीय राजनीति में आने के इच्छुक नहीं थे किन्तु परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उन्हे Politics में सक्रिय होना पड़ा।

संजय गांधी की विमान दुर्घटना में हुई असमय मृत्यु के कारण उत्तर प्रदेश की अमेठी लोक सभा सीट खाली हो गयी थी। राजीव गांधी ने सबसे पहले जून 1981 में अमेठी लोक सभा के लिए हुए उपचुनावों में जीत हासिल की और सांसद बने। इसके अलावा राजीव गांधी को जून 1981 में ही भारतीय युवा कांग्रेस (कांग्रेस पार्टी की युवा शाखा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य। के रूप में मनोनीत किया गया। भारत की राजनीति में संजय गांधी को राजनीतिक रूप से अति महत्वाकांक्षी, निष्ठुर और स्वछंदतावादी माना गया है जबकि उनके बड़े भाई राजीव गांधी का स्वभाव उसके बिलकुल विपरीत था। राजीव गांधी consensus, आम-सहमति और आपसी सलाह से निर्णय लेने में विश्वास रखते थे। राजीव गांधी जल्दबाज़ी में Decision लेने की अपेक्षा  Discussion के बाद ही कोई कार्य करते थे।

नवंबर 1982 में, जब भारत ने एशियाई खेलों की मेजबानी की थी तो उसके लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण की ज़िम्मेदारी राजीव गांधी के जिम्मे दी गयी थी। इस ज़िम्मेदारी को उन्होने बखूबी निभाया। इसके अतिरिक्त राजीव गांधी ने काँग्रेस पार्टी के general secretary के रूप में पार्टी में सुव्यवस्था और ज़िम्मेदारी निश्चित की।

प्रधानमंत्री के पद पर

अलग सिख राज्य की मांग करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने के कारण 31 अक्टूबर, 1984 को राजीव गांधी की माँ और प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी की हत्या कर दी गयी। इस दुखद, तनावपूर्ण और तल्ख हालात में देश के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए राजीव गांधी ने 31 अक्टूबर, 1984 के ही दिन भारत के प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के पदों को स्वीकार किया।

दिसम्बर 1984 में होने वाले लोक सभा चुनावों के लिए श्री राजीव गांधी ने पूरे एक महीन में देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक अथक यात्रा की। उनके द्वारा किए गए Election प्रचार-प्रसार के कारण Congress Party ने भारतीय राजनीति में अब तक की सबसे बड़ी चुनावी जीत हासिल की। 1984 के लोक सभा चुनावों में काँग्रेस पार्टी को 414 सीटें मिलीं थीं। भारतीय संसदीय चुनावों में यह अब तक की सबसे बड़ी जीत थी। प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए उन्होने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जिसमें दलबदल विरोधी कानून को पास करना सम्मिलित है।

प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए राजीव गांधी का सपना भारत की अखंडता को सुरक्षित रखते हुए देश को विकास की गति पर आगे ले जाना था। वे भारत को 21st Century के अग्रणी देशों में शामिल करना चाहते थे। इसके लिए Information Technology, तकनीकी कौशल और वैज्ञानिक दूरदर्शिता विकसित करने में सक्रिय रहे।

Jammu Kashmir और पंजाब राज्यों में अलगाववादी विचारधाराओं वाले आंदोलनों के प्रभाव को खत्म करने में वे अधिक सफल नहीं हुए। किन्तु उनकी सरकार पर लगे वित्तीय Scandals के आरोपों के कारण उनकी प्रसिद्धि में गिरावट आई। November 1989 लोक सभा चुनावों में मिली हार के कारण राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि वे काँग्रेस के अध्यक्ष बने रहे।

राजीव गांधी की हत्या

46 वर्ष की आयु में, 21 मई 1991 के दिन, लोक सभा चुनावों के प्रचार के लिए तमिलनाडु के श्रीपेरुमबुदुर गए राजीव गांधी की हत्या एक बम विस्फोट द्वारा कर दी गयी। इसमें राजीव गांधी के साथ 16 अन्य व्यक्तियों की भी मृत्यु हुई। इस हत्या को श्रीलंकाई अलगाववादी समूह लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम से संबंध रखने वाली एक महिला धनु ने अंजाम दिया था। फूलों की टोकरी में छुपाकर रखे गए बम विस्फोट के कारण उनकी मृत्यु हुई थी। 1987 में राजीव गांधी द्वारा Indian Army को श्रीलंका में शांति समझौते(Peace Accord) को लागू करने में मदद करने के लिए भेजा था। किन्तु भारतीय सेना को परिस्थिति वश तमिल टाइगर्स  (LTTE)  से युद्ध करना पड़ा। राजीव गांधी की हत्या के पीछे LTTE की साजिश का यही reason था।

  • वीर भूमि :- राजीव गांधी की समाधि वीर भूमि के नाम से जानी जाती है जो नई दिल्ली में स्थित है।
  • भारत रत्न :- भारतीय राजनीतिक जीवन में दिये गए योगदान के कारण राजीव गांधी को 1991 में मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार-Highest Civilian Award- भारत रत्न (BHARAT RATNA) प्रदान किया गया।
  • राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड :- भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी के स्मरण में भारत के सबसे बड़े Sports Award का नामकरण किया गया है।

इसके अलावा भारत सरकार ने राजीव गांधी के नाम पर कई गवर्नमेंट Institutions और स्मारकों का नाम भी रखा है।

Read also –

Leave a Reply