राष्ट्रीय कैलेंडर में कितने दिन/Days होते हैं ?

विश्व में अलग – अलग तरह के कैलेंडर का प्रचलन आज भी है। विश्व में सामान्य रूप से ग्रेगोरियन कैलेंडर का ही उपयोग किया जाता है। लेकिन इसके अलावा भी विश्व के कई देशों में स्थानीय कैलेंडर भी मौजूद है। भारत में भी ऐसे कई कैलेंडर है। ऐसे ही एक कैलेंडर को भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर का दर्जा प्राप्त है।

भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर शक संवत कैलेंडर है। इस कैलेंडर की शुरुआत 78 ईस्वी की मानी जाती है। माना जाता है कि इस कैलेंडर कि शुरुआत शक सम्राट कनिष्क ने की थी। इस कैलेंडर की विशेषता यह है कि यह वर्तमान में प्रचलित ग्रेगोरियन कैलेंडर से ही मिलता जुलता है। इस कैलंडर का पहला महीना चैत्र का होता है। अंग्रेज़ी कैलेंडर के हिसाब से देखें तो इस कैलेंडर में नए साल का आरंभ 22 मार्च को तथा लिप ईयर में 21 मार्च को होता है।

राष्ट्रीय कैलेंडर में – 365 दिन होते हैं?

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भारत के राष्ट्रीय कैलेंडर के रूप में शक कैलेंडर को 22 मार्च 1957 को अपनाया गया था। इसी के बाद से इसे शक संवत या राष्ट्रीय संवत के नाम से भी जाना जाने लगा। इस कैलेंडर को भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर घोषित करने से पहले इसमें कुछ मामूली बदलाव किए गए थे। वर्तमान समय में सभी सरकारी पत्रों एवं सूचनाओं में अग्रेज़ी कैलेंडर के साथ – साथ शक संवत कैलेंडर का भी उपयोग किया जाता है।

भारत के राष्ट्रीय कैलेंडर में साल में 365 दिन होते हैं। यह Gregorian Calendar यानी वर्तमान में प्रचलित कैलेंडर से थोड़ा अलग इस प्रकार है कि इस कैलेंडर के महीनों में दिनों की संख्या निर्धारित नही है। इसके महीनों के दिनों का निर्धारण चांद के घटने – बढ़ने पर निर्भर करता है और इसी आधार पर बदलता भी रहता है।

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