राष्ट्रीय पंचांग के महीनों के नाम क्या क्या है ?

भारत में कई स्थानीय कैलेंडर प्रचलित हैं। जो भारत के अलग – अलग राज्यों में भाषा एवं संस्कृति के आधार पर प्रचलित है। लेकिन इन सब कैलेंडर से अलग भारत में दो ही कैलेंडर आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त हैं। एक ग्रेगोरियन कैलेंडर है, जो कि भारत समेत विश्व के अधिकतर देशों में माना जाता है। इसे अंग्रेज़ी कैलेंडर के नाम से भी जाना जाता है। इसी तरह भारत में दूसरा मान्यता प्राप्त कैलेंडर शक संवत पंचांग है।।

Gregorian Calendar की तरह ही शक संवत पंचांग भी है। इन दोनों कैलेंडर में कोई अधिक अंतर नही है। शक संवत को ही राष्ट्रीय पंचांग के नाम से भी जाना जाता है। राष्ट्रीय पंचांग में भी अंग्रेज़ी कैलेंडर की ही तरह 12 महीने  होते हैं।

rashtriya panchang ke mahino ke naam

राष्ट्रीय पांचांग के महीनों के नाम निम्नलिखित हैं।

क्र महीनों के नाम दिनों की संख्या
1. चैत्र30/31
2. वैशाख31
3. ज्येष्ठ31
4. आषाढ़31
5. श्रावण31
6. भाद्रपद  31
7. आश्विन  30
8. कार्तिक30
9. अग्रहायण/मार्गशीर्ष. 30
10. पौष 30
11. माघ  30
12. फाल्गुन30

राष्ट्रीय पंचांग के 12 महीनों की विशेषता यह है कि इन 12 महीनों में इसके पहले 6 महीनों में दिनों की संख्या 31 होती है। हालांकि पहले महीने में यानी चैत्र महीने में 30 या 31 दिन होते हैं। लेकिन अधिकतर इसमें 31 दिन ही होते हैं। यानी कि राष्ट्रीय पंचांग के पहले छमाही में सभी महीने 31 – 31 दिन के होते हैं। वहीं, अंतिम के 6 महीने में दिनों की संख्या 30 – 30 दिन होते हैं।

राष्ट्रीय पंचांग के कैलेंडर के महीनों के नाम विभिन्न स्रोत और कई पुराने कैलेंडर से लिए गए हैं। उन कैलेंडर का उपयोग इतिहास में होता रहा है। एवं उनकी जड़े भारतीय संस्कृति से जुड़ी हुई रही हैं। इसी कारण उन कैलेंडर एवं स्रोतों से महीनों के नाम ले कर राष्ट्रीय पांचांग में शामिल किया गया है।

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