गणतंत्र दिवस कब और क्यों मनाया जाता है।

गणतंत्र दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्व है, जो प्रतिवर्ष 26 जनवरी को पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है। इस दिन भारतीय अधिनियम एक्ट 1935 को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था।

republic day kab celebrate kiya jata hai

भारत एक मजबूत लोकतंत्रात्मक देश है। यह बड़े गर्व की बात है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद बहुत सारे विदेशी प्रेक्षकों का यह मानना था कि भारत एक देश के रूप में ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा, क्योंकि भारत एक विशाल देश है जिसमें विभिन्न धर्मों, जातियों तथा भाषायी समूहो के के लोग निवास करते हैं जो अपने अलग राष्ट्र की मांग करेगे और देश का खण्डन हो जाएगा। परंतु ऐसा नहीं हुआ और अनेकों विविधताओं के बाद भी भारत “अनेकता में एकता” के सिद्धांत पर कायम रहते हुए विश्व जगत के समक्ष अखण्डता का प्रतीक बना हुआ है।

भारत के संविधान के बारे में जानकारी

भारत देश ने ब्रिटिश शासन से आजादी प्राप्त करने के बाद भारत के संविधान के निर्माण हेतु संविधान सभा की घोषणा की।

भारतीय संविधान के निर्माण कार्य 9 दिसम्बर 1947 से आरम्भ हो गया था। संविधान सभा में कुल 22 समितियां थी, जिसके 308 सदस्य थे। इन सदस्यों को भारतीय राज्यों की सभाओं से निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुना गया था। संविधान के निर्माण में प्रारूप समिति प्रमुख थी, जिसके अध्यक्ष विधिवेत्ता डॉ भीमराव अंबेडकर जी थे।

संविधान सभा के निर्माण में 2 साल 11 महीने 18 दिन का समय लगा। इस बीच अनेकों संसोधन किए गए। और अंतत भारत का संविधान 26 नवम्बर 1949 को पूर्ण हो गया था। इस दिन को देश प्रतिवर्ष संविधान दिवस के रूप में मनाता है। परन्तु 26 जनवरी 1950 को इसे देश में लागू किया गया। इस दिन को ही संविधान लागू करने के लिए इसलिए चुना गया था क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ( I N.C.) के द्वारा भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था।

26 जनवरी 1950 को, हमारा देश भारत संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, और लोकतांत्रिक, गणराज्य के रुप में घोषित किया गया।

इस घोषणा के बाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र, प्रसाद जो कि संविधान सभा के अध्यक्ष भी थे, उनके द्वारा दिल्ली के राजपथ पर तिरंगा फहराया गया, तथा राष्ट्रगान गाया।

प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में इस पर्व का आयोजन होता है। इस महान अवसर पर सैनिकों द्वारा परेड, सैन्य बल तथा अत्याधुनिक हथियारों और टैंकों का प्रदर्शन किया जाता है, जो हमारे राष्ट्रीय शक्ति का प्रतीक है तथा सभी राज्यों द्वारा झाँकियों के माध्यम से अपने संस्कृति और परंपरा की प्रस्तुति की जाती है। भारतीय वीर सपूतों शहीद सैनिकों को 21 तोपों की सलामी दी जाती है तथा उनकी शहादत पर प्रधानमंत्री 2 मिनिट का मौन धारण करके उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं तथा राष्ट्रीय पुरस्कार (महावीर चक्र, अशोक चक्र, परम वीर चक्र, वीर चक्र) और बहादुरी के मेडल भी वितरित किये जाते हैं।

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