भारत की सबसे ज्यादा दूरी तक चलने वाली ट्रेन कौन सी है।

भारतीय रेल एशिया का सबसे बड़ा और विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। भारतीय रेल परिवहन के क्षेत्र में भी लोगों के लिए मुख्य माध्यम है। भारतीय रेल में Middle class से लेकर Upper class के लोग तक सफर करते है। भारतीय रेल में लगभग रोजाना 2 करोड़ लोग सफर करते हैं। भारतीय रेल का योगदान सिर्फ लोगों के परिवहन के स्रोत तक ही सीमित नहीं है। इसके अलावा भारतीय रेल कोयला से लेकर बड़े-बड़े माल ढ़ोने में, किसी भी आपातकालीन स्थिति में लोगो तक राहत सामग्री पहुंचाने में, किसी भी युद्ध की स्थिति में सेना तक हथियार पहुंचाने में, इत्यादि में भारतीय रेल का अहम भूमिका है।

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इसके अलावा देश में व्यापार बढ़ाने में और देश की अर्थव्यवस्था में भी भारतीय रेल महत्वपूर्ण स्थान रखता है। भारतीय रेल के मुख्य आमदनी का जरिया माल वाहन या सवारी द्वारा है। कुल आमदनी का दो तिहाई हिस्सा माल वाहन द्वारा आता है, बाकी सवारी से आता है। माल वाहन में 95% आमदनी थोक माल द्वारा आता है। इसमें कोयले की हिस्सेदारी ज़्यादा है। भारतीय रेल भारत सरकार के ministry of railway द्वारा संचालित है। देश में सबसे ज़्यादा नौकरी भारतीय रेलवे ही देती है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय रेल में कुल लगभग 1.55 million Employee कार्यरत है।

भारतीय रेल अब तक के अपने सफर में कितनी ही यादों को संजोये हुए है। जिसमे भारतीय रेल के कुछ ऐसे कारनामे है जो अपने में एक रिकॉर्ड है। इसी कारनामे में से एक है देश में सबसे ज़्यादा दूरी तक चलने वाले ट्रेन का रिकॉर्ड। क्या आप जानते हैं के देश में सबसे ज़्यादा दूरी तक चलने वाली ट्रेन कौन सी है, और इसकी कुल दूरी कितनी है, ये किस रूट में चलती है। इस पोस्ट में हम आपको इन्ही सब बातों से अवगत कराएंगे, जहां हम बताएंगे कि देश मे सबसे ज़्यादा दूरी तक चलने वाली ट्रेन कौन सी है।

तो आपको बता दें की सबसे लम्बी दूरी तय करने वाली ट्रेन विवेक एक्सप्रेस है।

विवेक एक्सप्रेस – सबसे ज़्यादा दूरी तक चलने वाली ट्रेन

  • संक्षिप्त परिचय

देश में सबसे ज़्यादा दूरी तक चलने वाली ट्रेन का नाम विवेक एक्सप्रेस है, जो कि असम के डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी के बीच चलती है। यह ट्रेन डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी के बीच कुल 4273 किलोमीटर की सफर तय करती है। इस सफर को तय करने में इसे 3 दिन से ज़्यादा का वक़्त लग जाता है। यह ट्रेन साप्ताहिक ट्रेन है। जो शनिवार को असम के डिब्रूगढ़ से चलती है, जबकि वापस कन्याकुमारी से डिब्रूगढ़ के लिए गुरुवार को चलती है। इस ट्रेन कि औसतन स्पीड 53 km/h  है। यह ट्रेन अपनी सफर की दौरान कुल 57 स्टेशन पर रुकती है। सबसे ज़्यादा दूरी के रिकॉर्ड के अतिरिक्त सबसे ज़्यादा लगातार चलने का रिकार्ड भी इसी ट्रेन के नाम है, जो के 82 घंटा 45 मिनट है।

कब हुई थी इस ट्रेन की शुरुआत ?

विवेक एक्सप्रेस का प्रस्ताव साल 2011-2012 के रेलवे बज़ट में तब के तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी द्वारा पास हुआ था। इसके बाद इसकी शुरुआत साल 2013 में स्वामी विवेकानन्द के 150 वीं वर्षगांठ के अवसर पर की गई थी, इसलिए इस ट्रेन का नाम स्वामी विवेकानन्द के नाम पर विवेक एक्सप्रेस रखा गया।

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