सशस्त्र सेना झंडा दिवस कब मनाया जाता है ?

बात भारत के थलसेना की हो, वायुसेना की हो या जल सेना की, तीनों ही सेना विश्व की अग्रिम पंक्ति की सेना में गिनी जाती है। इन सेनाओं में काम करने वाले वीर जवानों के मनोबल तथा इनकी वीरता को सम्मान देने के लिए सरकार की ओर से कई तरह के वीरता पुरस्कार दिए जाते रहे हैं। इनके अलावा भी देश को समर्पित इन सेनाओं में, काम करने वालों के लिए, कई तरह के कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता रहा है।

shastra sena jhanda divas kab manate hai

इसी के तहत एक कार्यक्रम सशस्त्र सेना झंडा दिवस ( Armed Force Flag Day ) के रूप में भी मनाया जाता है। संभव है कि आप लोगों ने भी इसके बारे में सुना ही होगा। लेकिन क्या आपको पता है कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस कब मनाया जाता है? अगर इस प्रश्न का उत्तर आपको मालूम है तो अच्छी बात है। अगर नहीं मालूम है तो, बस आप इस लेख को अंत तक पढ़ें। इसमें हम बतायेंगे की सशस्त्र सेना झंडा दिवस कब मनाया जाता है साथ ही इसके मनाने के उद्देश्य के बारे में भी बात करेंगे। पहले आपको बता दें कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस 7 दिसंबर को भारत में मनाया जाता है।

7 दिसंबर – सशस्त्र सेना झंडा दिवस के रूप में मनाया जाने वाला दिन

सशस्त्र सेना झंडा दिवस भारत की आज़ादी के बाद ही अस्तित्व में आ गया था। इसकी शुरुआत 1949 में ही हो गयी थी। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत के तीनों सेनाओं में काम कर रहे सैनिकों के कल्याण हेतु भारत की जनता से Funds इकट्ठा करना है। इस इकट्ठे हुए धन का उपयोग देश सेवा में लगे जवानों के तथा उनके परिवार के कल्याण हेतु किया करना है।

  • सशस्त्र सेना झंडा दिवस की शुरुआत

भारत की आज़ादी के बाद भारत आर्थिक आधार पर थोड़ा कमज़ोर था, क्योंकी अंग्रेज़ो ने काफी नुकसान पहुंचाया था। देश की आज़ादी के बाद संस्थाओं को चलाने के लिए पैसे की ज़रूरत अधिक थी। इसी को ध्यान में रखते हुए 28 अगस्त को भारत के रक्षा मंत्रालय ने सेना के कल्याण के उद्देश्य से फंड जुटाने के लिए नीति बनाने हेतु एक कमेटी का गठन किया।

इस कमेंटी ने ही फंड जुटाने के उद्देश्य से प्रत्येक साल 7 दिसंबर को झंडा दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा। इसके अंतर्गत भारत के आम लोगों के बीच झंडे बंटना तथा उसके बदले सेना की मदद के उद्देश्य से पैसे लेना था। धीरे-धीरे यह महत्वपूर्ण होता गया। लोगों के बीच यह बात आम की गयी कि जो सेना में काम करते हुए हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं, उनका तथा उनके परिवार की रक्षा करने का दायित्व एक आम भारतीय पर है।

  • झंडा दिवस का मुख्य उद्देश्य

झंडा दिवस आयोजित करने के तीन प्रमुख उद्देश्य थे। पहला की युद्ध के समय हुई नुकसान की भरपाई करना था। इसके बाद इसका प्रमुख उद्देश्य सेना में काम कर रहे लोगों के लिए तथा उनके परिवार के कल्याण के लिए पैसे जमा करना तथा इसका तीसरा उद्देश्य सेना से सेवानिवृत्त हो चुके जवान के लिए तथा उनके परिवार के लिए फंड इकट्ठा करना था।

इस लेख को पढ़ने ले बाद आपको यह पता चल गया है, कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस कब मनाया जाता है। अगर आप इस लेख के बारे में कोई सवाल या सुझाव देना चाहते हैं, तो कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं। इसके अलावा किसी अन्य तरह के सवाल या सुझाव भी आप कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं। इसी तरह के पोस्ट पाते रहने के लिए इस Website से जुड़े रहें।

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