सिकंदर महान कौन था ? Sikandar kaun tha

पूरी दुनिया में सिकंदर को Alexander the Great के नाम से जाना जाता है । भारत में Alexander the Great  को सिकंदर महान के नाम से जाना जाता है । भारत के पड़ोसी देश में उन्हें सिकंदर-ए-आजम कहा जाता है । इतिहासकारों के अनुसार पूरी दुनिया को जीतने के सबसे करीब अगर कोई शासक कभी आया है तो उसका नाम है अलेक्जेंडर । इतिहासकारों के अनुसार सिकंदर का जन्म 20 जुलाई 356 ईसा पूर्व को Macedonia में हुआ था ।

सिकंदर का जन्म  तत्कालीन Macedonia के शासक फिलिप द्वितीय के घर पर हुआ था । उनकी मां का नाम  ओलंपिया था। Macedonia ग्रीस के अंतर्गत आता था और तब के ग्रीस में कई छोटे-छोटे साम्राज्य थे । सिकंदर महान के पिता फिलिप द्वितीय ने इन सारे साम्राज्य को एक कर  ग्रीस को एक बड़ी ताकत बनाने के कई प्रयास किए और बहुत हद तक सफलता पाई । फिलिप ऐसा इसलिए करना चाहते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि ग्रीस को लगातार पर्शिया से खतरा बना रहेगा जब तक कि वे एक नहीं होंगे ।

sikandar kaun tha

ऐसा माना जाता है कि सिकंदर महान ने अपनी शिक्षा महान Philosopher अरस्तु  से प्राप्त की , जिन्हें सारी दुनिया Aristotle के नाम से जानती है । इतिहासकार मानते हैं कि Aristotle ने ही अलेक्जेंडर को भारत के विषय में बताया था । तभी से लेकर भारत पर आक्रमण तक सिकंदर की भारत के प्रति जिज्ञासा लगातार बनी रही ।

सिकंदर कैसे King बना

जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि अलेक्जेंडर के पिता तत्कालीन Macedonia के शासक थे। यही नहीं उन्होंने लगभग लगभग पूरे ग्रीस को एक साथ इकट्ठा कर लिया था । इतिहासकार मानते हैं कि  फिलिप द्वितीय के संबंध अलेक्जेंडर के साथ इतने अच्छे नहीं थे । और ऐसा माना जा रहा था कि उसके बाद अलेक्जेंडर को गद्दी नहीं मिलेगी ।

जब फिलिप द्वितीय ने एक और शादी कर ली और सिकंदर की मां को छोड़ दिया तो सिकंदर के राजा बनने के chances और भी कम हो गए । परंतु इसी समय एक दुर्घटना हुई जिसमें फिलिप द्वितीय की हत्या कर दी गई, कई इतिहासकार इस घटना के पीछे सिकंदर का हाथ मानते हैं परंतु ज्यादातर इतिहासकार इस बात से सहमत नहीं है ।

फिलिप की हत्या के बाद उसके राज्य में चारों ओर  अव्यवस्था का माहौल आ गया । सारे   प्रभावशाली व्यक्ति इस राज्य के लिए  आपस में लड़ने लगे । इन्हीं में से एक था सिकंदर महान, सिकंदर महान ने केवल 19 वर्ष की उम्र में अद्भुत रणनीतिकार होने का सबूत पेश किया और अपने सामने आए सभी आक्रमणकारियों को एक-एक करके हरा दिया ।

यही नहीं राजा बनने के बाद अलेक्जेंडर ने ग्रीस के सारे  शासकों को अपने सामने सर झुकाने पर मजबूर कर दिया । एक बार जब ग्रीस एक हो गया तो अलेक्जेंडर पूर्व की ओर बढ़ा और अपने और अपने पिता के सबसे बड़े जानी दुश्मन पर्शिया के राजा से युद्ध करने के लिए निकल पड़ा । ऐसा माना जाता है कि सिकंदर की सारी चीजों में पर्शिया पर उसकी  जीत सबसे महत्वपूर्ण थी । पर्शिया को अपने कब्जे में लेने के बाद वह भारत की ओर बढ़ता गया ।

सिकंदर का भारत पर आक्रमण और मृत्यु

 228 ईसा पूर्व को सिकंदर महान हिंदू कुश पर्वत श्रेणी को पार कर भारत आ पहुंचा । सिकंदर का भारत में सबसे पहले सामना किया तत्कालीन शासक  पोरस  ने ।  पोरस  एवं उनकी सेनाओं ने अद्भुत वीरता का परिचय दिया परंतु वे विश्व विजेता अलेक्जेंडर की सेनाओं के सामने नहीं टिक पाए ।  पोरस की हार की एक बड़ी वजह यह भी थी कि तत्कालीन  भारत के अन्य शासकों ने   विदेशी आक्रमणकारियों से बचने के लिए उनका साथ नहीं दिया ।

सिकंदर लगातार भारत में पूर्व की तरफ बढ़ता गया और भारतीय शासकों को हराता गया ।  जब सिकंदर की सेना पाटलिपुत्र के तत्कालीन साम्राज्य नंद साम्राज्य पर आक्रमण की योजना बना रही थी तब ही सिकंदर की सेनाओं में एक प्रकार का विद्रोह उत्पन्न हो गया और उन्होंने आगे बढ़ने से मना कर दिया ।  यह देखकर सिकंदर ने वापस लौटने का निर्णय लिया और ऐसा माना जाता है कि वापस लौटकर जब सिकंदर बेबीलॉन पहुंचा तो उसके कुछ दिनों बाद ही उसकी मृत्यु हो गई ।

इतिहासकारों के अनुसार सिकंदर की मृत्यु 13 जून 323  ईसा पूर्व  को हुई । हमें उम्मीद है कि सिकंदर के विषय में आपके सारे सवालों का जवाब आपको मिल गया होगा , ऐसी ही अन्य रोचक जानकारियों के लिए हमारे साथ बने रहे ।

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