स्वामी विवेकानंद का जन्म कब, कहाँ और किस वर्ष में हुआ था ।

स्वामी विवेकानन्द का जन्म सोमवार 12 जनवरी, 1863 को पूस महीने की शुक्ल सप्तमी के दिन कलकत्ता में हुआ था। उनका जन्म सूर्योदय से छह मिनट पहले हुआ था। स्वामी विवेकानंद का जन्म श्री विश्वनाथ दत्ता और भुवनेश्वरी देवी के यहाँ हुआ था। स्वामी विवेकानंद का असली नाम नरेंद्रनाथ दत्ता था जिन्हे नरेंद्र के नाम से भी पुकारा जाता था। नरेंद्र के पिता विश्वनाथ दत्ता कलकत्ता उच्च न्यायालय के वकील थे और संगीत का उन्हे अच्छा ज्ञान था। उनका जन्म एक बंगाली परिवार में हुआ था।

swami vivekanand ka janam

स्वामी विवेकानंद का जन्म हिंदुओं के पवित्र त्योहार मकर संक्रांति के दिन हुआ था। उनके जन्म के समय पूर्व में धनु नक्षत्र उदित हो रहा था और चंद्रमा कन्या नक्षत्र  में स्थित था। बृहस्पति ग्यारहवें घर में मौजूद थे। नरेंद्र के जन्म से पहले उनकी माता भुवनेश्वरी देवी ने बनारस( काशी) में मौजूद अपने संबंधियों से निवेदन किया था कि वे वाराणसी में पुत्र प्राप्ति के लिए वीरेश्वर शिव की पुजा-आराधना करें। उनके द्वारा वीरेश्वर शिव की पुजा आराधना करने के बाद ही नरेंद्र का जन्म हुआ था।

एक बार नरेंद्र की माता ने यह स्वप्न देखा था कि भगवान शिव का तेजोमय रूप एक बालक का रूप लेकर उनका पुत्र बनेगा। इसके बाद भुवनेश्वरी देवी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बाद में जब उन्हे एक पुत्र की प्राप्ति हुई तो उसका नाम वीरेश्वर रखा गया। किन्तु इसे बदलकर वंश की परंपरा के अनुसार नरेंद्रनाथ दत्ता कर दिया गया। यही बालक बड़ा होकर स्वामी विवेकानंद बना।

स्वामी विवेकानन्द के जन्म के संबंध में एक अन्य महत्वपूर्ण बात यह है कि श्री रामकृष्ण परमहंस अपने इस भावी शिष्य का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। श्री रामकृष्ण परमहंस के अनुसार नरेंद्र जन्म से ही ध्यान सिद्ध थे। वे नित्य-मुक्त जीवों की श्रेणी में आते थे जो संसार में केवल एक विशेष कार्य के लिए आते हैं और अपने कार्य की समाप्ती के बाद वापस चले जाते हैं। श्री रामकृष्ण परमहंस ने नरेंद्र को सप्तर्षियों का अवतार कहा था। उनका मानना था कि नरेंद्र का जन्म केवल लोक-शिक्षा के लिए हुआ है।

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