स्वतंत्रता दिवस कब और क्यों मनाया जाता है।

स्वतंत्रता दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्व है, जिसे प्रतिवर्ष 15 अगस्त को मनाया जाता है। 15 अगस्त 1947 को हमारा देश ब्रिटिश शासन की गुलामी से आजाद हुआ था तब से इस महान दिन पर सभी भारतवासी धर्म, जाति, वर्ग और सम्प्रदाय से ऊपर उठकर बड़े ही प्रेम और सद्भावना के साथ मिलकर इस उत्सव को मनाते हैं, तथा उन भारतमाता के वीर सपूतों को याद करते हैं जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें यह स्वतंत्रता दिलाई है।

bharat me swatantrata divas kab manate hai

गुलामी के पूर्व भारत को “सोने की चिड़िया” कहा जाता था। भारत सुख समृद्धि और संस्कृति से औत प्रोत था परन्तु भारत 200 वर्षों के लम्बे समयांतराल तक गुलाम रहा। जिसके कारण भारत की सम्पत्ति और संस्कृति का ह्रास हुआ, भारत में पश्चिमी संस्कृति का विकास हुआ।

17 वी सदी से यूरोपीय कम्पनी ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपना औद्योगिक जाल बिछाना आरम्भ किया, जिसके कारण भारत के लघु और कुटीर उधोगो का विनाश हुआ और किसानों का भी दमन किया तथा उन्हें नील की खेती करने पर मजबूर किया गया। ईस्ट इंडिया कंपनी के विरोध में भारतीयों ने 1857 में प्रथम विद्रोह किया था, जिसे प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नाम से जाना जाता है। इस संग्राम के परिणामस्वरूप भारत सरकार अधिनियम 1858 लागू हुआ, जिसके कारण भारत पर ब्रिटिश शासन का आधिपत्य हो गया। ब्रिटिश शासन ने भारतीय जनता के प्रति “काले और गोरे” रंग का भेदभाव किया। भारतीयों का शोषण किया गया। इन अत्याचारों के खिलाफ जनता ने आवाज ऊठाई और धीरे-धीरे इन आवाजों ने क्रांति का रुप ले लिया। स्वतंत्रता की मशाल साथ लिए अनेकों महापुरुषों ने धार्मिक और सामाजिक सुधार आन्दोलन चलाए तथा शासन का विरोध किया। इन आन्दोलनों में महात्मा गांधी के अहिंसात्मक असहयोग और सविनय अवज्ञा आन्दोलन प्रमुख थे। भारतीय ने अंग्रेजों को देश से निकाल फेंकने की शपथ ली। देश के युवा, बच्चे, बुजुर्ग तथा महिलाओं ने भी स्वतंत्रता की क्रांति में भाग लिया। और इस विरोध के समक्ष ब्रिटिश शासन टिक नहीं पायी। और अंततः 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजो ने भारत सत्ता की बागडोर भारतीयों को सौंप दी।

स्वतंत्रता के इस दिन पर प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी ने दिल्ली के लाल किले के लाहौरी गेट पर तिरंगा फहराया और अपने भाषण “ट्रस्ट विद डेस्टनि” के साथ भारत की स्वतंत्रता की घोषणा कर दी। तब से प्रतिवर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली के लाल किले पर यह पर्व मनाया जाता है। देश के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर पर तिरंगे को फहरा कर इस त्योहार का शुभारंभ करते हैं, तथा राष्ट्र का उद्बोधन करते हुए स्वतंत्रता की कीमत बताते हैं तथा मातृभूमि पर प्राण न्यौछावर करने वाले वीरो को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रत्येक भारतीय को मातृभूमि की रक्षा करने हेतु प्रेरित करते हैं।

इस दिन राष्ट्रीय अवकाश होता है तथा सभी शासकीय भवनों, स्कूलों, कालेजों आदि में ध्वजारोहण किया जाता है। स्कूलों में छात्रों द्वारा नृत्य, संगीत, महापुरुषों के जीवन पर आधारित नाटक आदि रंगारंग कार्यक्रम किए जाते है। इसी तरह हर साल इस महान दिन को मनाया जाता है।

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