थर्मामीटर का आविष्कार किसने किया था। Who Invented Thermometer

थर्मामीटर का आविष्कार गैलीलियो गैलीली ने 1593 में किया था। हालाँकि जिस उपकरण का उन्होने आविष्कार किया था, उसे पूर्ण रूप से थर्मामीटर नहीं कहा जा सकता है। गैलीलियो का थर्मामीटर सिर्फ तापमान के अंतर को बता सकने में सक्षम था। उससे किसी व्यक्ति का तापमान नहीं नापा जा सकता था। इसे केवल थर्मोस्कोप कहा जा सकता है जिसने पहली बार पानी के तापमान की भिन्नता को जानने का प्रयत्न किया था।

thermometer ka aviskar kisne aur kab kiya tha

थर्मोस्कोप पुराने जमाने के थर्मामीटर हुआ करते थे जिनमें तापमान मापने की स्केल नहीं हुआ करती थी। यह केवल तापमान के अंतर को ही बता पाता था। थर्मोस्कोप से केवल दो वस्तुओं के बीच का तापमान समान है या कम है अथवा ज्यादा है, नापा जा सकता था।

1612 में, इतालवी आविष्कारक सेंटोरियो सेंटोरियो (जन्म 1561-मृत्यु 1636) ) ने सबसे पहले थर्मोस्कोप पर एक संख्यात्मक पैमाना (numerical scale) लगा कर इसे क्लिनिकल थर्मामीटर के रूप में प्रयोग किए जाने योग्य बनाया। यह थर्मोस्कोप तापमान नापने के लिए मरीज के मुंह में रखा जा सकता था। लेकिन न तो गैलीलियो और न ही सैंटोरियो के द्वारा बनाए गए थर्मामीटर सही माप कर पाये। दोनों के थर्मामीटर में काफी कमियाँ थीं।

1641-पहल बंद थर्मामीटर-पहली बार 1641 में टस्कनी के ग्रैंड ड्यूक, फर्डिनेंड II (1610-1670) ने पूरी तरह से बंद और तरल पदार्थ से भरे ग्लास थर्मामीटर का निर्माण कराया था। उनके थर्मामीटर को अल्कोहल को भरा गया था। लेकिन यह थर्मामीटर भी किसी का तापमान माप सकने में उपयोगी नहीं था। हालांकि इसे थर्मामीटरों के विकास में एक अहम खोज माना जाता है।

1714-पहला Mercury (पारा) थर्मामीटर: डैनियल गेब्रियल फ़ारेनहाइट (1686-1736) थर्मामीटर में mercury (पारा) का उपयोग करने वाले पहले व्यक्ति थे। जर्मन भौतिक विज्ञानी और एक ग्लासब्लोअर फ़ारेनहाइट ने 1714 में जिस mercury भरे थर्मामीटर का निर्माण किया था उसे सही अर्थों में आधुनिक थर्मामीटरों का पूर्ववर्ती कहा जा सकता है। Mercury के तापमान के साथ बदल जाने के स्वभाव को, इसे थर्मामीटरों में उपयोग होने वाला सबसे उपयुक्त पदार्थ बना दिया है। आज भी हम मरक्युरि के थर्मामीटर का ही उपयोग करते हैं।

1724-फ़ारेनहाइट स्केल (Fahrenheit Scale): डैनियल गैब्रियल फ़ारेनहाइट

फारेनहाइट स्केल को तापमान मापने के लिए एक अहम खोज माना जाता है। इसको 1724 इसवीं में डैनियल गैब्रियल फ़ारेनहाइट नामक एक जर्मन भौतिक वैज्ञानिक ने बनाया था। इसे बनाने के लिए फारेनहाइट ने पानी के बर्फ में जमने और उबलने वाले तापमान के बिंदुओं को 180 डिग्री में विभाजित किया। अपनी स्केल में उन्होने 32 डिग्री फ़ारेनहाइट को बर्फ के जमने का तापमान माना क्योंकि अपने प्रयोगों में वे बर्फ, पानी और नमक के मिश्रण से न्यूनतम -32 डिग्री का तापमान ही प्राप्त कर सके थे। इस लिहाज से फारेनहाइट ने मानव शरीर के तापमान के आधार पर अपने माप बिन्दुओं को तय किया। शुरुआत में मानव शरीर का तापमान फ़ारेनहाइट पैमाने पर 100 ° F था, लेकिन इसे बाद में  98.6 ° F पर निश्चित कर दिया गया है। इस स्केल में 212 ° F पानी के उबलने का तापमान होता है। इस प्रकार पानी के जमने और उबलने के बीच के तापमान को फ़ारेनहाइट पैमाने में 180 डिग्री में बांटा गया है। मेडिकल थर्मामीटर में इसी स्केल का उपयोग किया जाता है।

  • मेडिकल थर्मामीटर में फ़ारेनहाइट स्केल का उपयोग किया जाता है।
  • स्वस्थ्य और सामान्य मानवों के शरीर का तापमान 98.6 डिग्री फ़ारेनहाइट माना जाता है।

1742-सेंटिग्रेड स्केल (Centigrade Scale): एंडर्स सेल्सियस

सेल्सियस तापमान स्केल को “सेंटीग्रेड” पैमाने के रूप में भी जाना जाता है। इसका आविष्कार स्वीडिश वैज्ञानिक एंडर्स सेल्सियस (Anders Celsius) द्वारा 1742 में किया गया था। इस स्केल में  समुद्र तल के वायुदाब पर शुद्ध जल के जमने (हिमांक बिंदु 0 ° C) और उबलने के तापमान (100 ° C) को 100 डिग्री में विभाजित किया गया है। “सेल्सियस” (Celsius) शब्द को 1948 में आयोजित की गयी international conference on weights and measures द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपयोग के लिए मान्यता दे दी गयी।

1848-केल्विन स्केल (Kelvin Scale): लॉर्ड केल्विन

सेल्सियस और फारेनहाइट स्केल में जिन तापमानों को नापा गया था वह केवल मानव शरीर और पानी से संबन्धित थे। लेकिन 19 वीं शताब्दी में वैज्ञानिक इस खोज में लग गए की विश्व में सबसे कम या न्यूनतम तापमान क्या हो सकता है? इसी प्रश्न के हल के रूप में लॉर्ड केल्विन ने 1848 में केल्विन स्केल के अपने आविष्कार के साथ यह बताया कि सबसे न्यूनतम तापमान, जिसे उन्होने परम शून्य या Absolute Zero कहा, -273 ° C डिग्री सेल्सियस हो सकता है। इस -273 डिग्री सेल्सियस तापमान को Absolute Zero कहा जाता है जिसे उनके द्वारा विकसित की गयी स्केल में 0 डिग्री केल्विन (0 Kelvin) मान लिया गया। इस प्रकार केल्विन स्केल में गर्म और ठंडे की चरम सीमा को मापा जाता है।

1867-इसके अलावा पहला व्यावहारिक मेडिकल थर्मामीटर जिसे किसी व्यक्ति का तापमान लेने के लिए उपयोग किया जा सके, अंग्रेजी चिकित्सक, सर थॉमस एलबट्ट (1836-1925) ने 1867 में बनाया था।

थर्मामीटर क्या होता है और कैसे काम करता है?

थर्मामीटर एक उपकरण होता है जो तापमान मापने का काम करता है। इनमें उन वस्तुओं का इस्तेमाल होता है जो तापमान के बदलने पर अपना आकार बादल देती हैं। उदाहरण के लिए पारा या Mercury जिसका उपयोग क्लिनिकल या मेडिकल थर्मामीटर में किया जाता है। तापमान बढ़ने पर mercury का आकार बढ़ जाता है जिसे मापने के बाद तापमान का पता लगाया जा सकता है।

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