उत्तरप्रदेश में कितने कुल जिले है 2019 में Number of Districts in UP

उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है जिसमें देश की कुल आबादी की 16.4 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है। क्षेत्रफल के हिसाब से उत्तर प्रदेश, भारत का पांचवा सबसे बड़ा राज्य है। उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल देश के कुल क्षेत्रफल का का मात्र 7.33% ही है। ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से उत्तर प्रदेश का बहुत अधिक महत्व है। 1947 से लेकर के 2019 तक सबसे अधिक बार भारत के प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से ही चुने गए हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश के जिलों के बारे में जानकारी और उनकी विशेषताओं से परिचित होना आवश्यक है।

uttar pradesh me kitne jile hai 2019

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यूपी में जिलों की संख्या और उन सभी जिलों के नाम क्या है ?

आइए जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में कितने जिले हैं? वर्तमान 2019 में उत्तर प्रदेश में 75 जिले हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ है। उत्तर प्रदेश को प्रशासन की सुविधा के लिए 18 मंडलों, 75 जिलों, 316 तहसीलों,  821 विकास खंडों या ब्लॉकों, 915 कस्बों, 16 नगर निगमों, 199 नगर पालिका परिषदों , 438 नगर पंचायतें तथा 1,06,774 गावों  जैसी प्रशासनिक इकाइयों में बांटा गया है।

ये हैं उत्तर प्रदेश के 75 जिले-

1. आगरा, 2. अलीगढ़, 3. प्रयागराज (इलाहाबाद), 4. अम्बेडकर नगर, 5. अमेठी, 6. औरैया, 7. आजमगढ़, 8. बागपत, 9. बहराइच, 10. बलिया, 11. बलरामपुर, 12. बांदा, 13. बाराबंकी, 14. बरेली, 15. बस्ती, 16. बिजनौर, 17. बदायूं, 18. बुलंदशहर, 19. चंदौली, 20. चित्रकूट, 21. देवरिया, 22. एटा, 23. इटावा, 24. अयोध्या, 25. फर्रुखाबाद, 26. फतेहपुर, 27. फिरोजाबाद, 28. गौतम बुद्ध नगर, 29. गाजियाबाद, 30. गाज़ीपुर, 31. गोंडा, 32. गोरखपुर, 33. हमीरपुर, 34. हापुड़, 35. हरदोई, 36. हाथरस (महामाया नगर), 37. जालौन, 38. जौनपुर, 39. झाँसी, 40. अमरोहा, 41. कन्नौज, 42. कानपुर देहात, 43. कानपुर नगर, 44. कासगंज, 45. कौशाम्बी, 46. खीरी, 47. कुशीनगर, 48. ललितपुर, 49. लखनऊ, 50. महाराजगंज, 51. महोबा, 52. मैनपुरी, 53. मथुरा, 54. मऊ, 55. मेरठ, 56. मिर्जापुर, 57. मुरादाबाद, 58. मुजफ्फरनगर, 59. पीलीभीत, 60. प्रतापगढ़, 61. रायबरेली, 62. रामपुर, 63. सहारनपुर, 64. सम्भल (भीम नगर), 65. संत कबीर नगर, 66. संत रविदास नगर, 67. शाहजहाँपुर, 68. शामली, 69. श्रावस्ती, 70. सिद्धार्थ नगर, 71. सीतापुर, 72. सोनभद्र, 73. सुल्तानपुर, 74. उन्नाव, और 75. वाराणसी( काशी)।

उत्तर प्रदेश के जिलों की जनसंख्या संबंधी आंकड़े

भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य उत्तर प्रदेश है। 2011 की जनगणना के अनुसार 1 मार्च 2011 को उत्तर प्रदेश की जनसंख्या 19,98,12,341 करोड़ थी जो भारत की कुल जनसंख्या का 16.50 प्रतिशत है। इसमें ग्रामीण जनसंख्या 155317278 तथा शहरी जनसंख्या 4,44,95,063 है। उत्तर प्रदेश की 77.73 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण है जबकि 22.27 प्रतिशत जनसंख्या शहरों में निवास करती है। उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला जिला प्रयागराज (इलाहाबाद) है जिसकी जनसंख्या 59,54,391 है। उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक ग्रामीण जनसंख्या वाला जिला भी प्रयागराज ही है जिसकी कुल ग्रामीण जनसंख्या 44,81,518 है। प्रयागराज की कुल ग्रामीण जनसंख्या उत्तर प्रदेश की कुल ग्रामीण जनसंख्या का 2.9 प्रतिशत है। लेकिन उत्तर प्रदेश के सबसे अधिक शहरी या नगरीय जनसंख्या वाले जिले की बात करें तो गाज़ियाबाद जिला में सबसे अधिक शहरी जनसंख्या रहती है। गाज़ियाबाद की शहरी जनसंख्या 31,62,547 है। गाज़ियाबाद की शहरी जनसंख्या उत्तर प्रदेश की कुल शहरी जनसंख्या का 7.1 % है

  1. जनसंख्या घनत्व  – उत्तर प्रदेश के जिलों की जनसंख्या वितरण में बहुत असमानता है। इसके कारण इन जिलों के जनसंख्या घनत्व में भी असमानता पाई जाती है। प्रति वर्ग किलोमीटर में निवास करने वाले लोगों की संख्या को जनसंख्या घनत्व कहा जाता है। इसे किसी भी क्षेत्र के कुल क्षेत्रफल को उसकी कुल जनसंख्या से भाग देने पर प्राप्त किया जाता है।2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश का सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला जिला गाज़ियाबाद है जिसका जन घनत्व  3,971 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला जिला वाराणसी है। वहीं यदि उत्तर प्रदेश के सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाले जिले की बाद करें तो उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले का जनसंख्या घनत्व सबसे न्यूनतम 242 है। 2001 के जनगणना में भी इन जिलों का यही क्रम था। 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश का जनसंख्या घनत्व 829 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। जनसंख्या घनत्व के मामले में उत्तर प्रदेश का भारत में चौथा स्थान है।
  2. जनसंख्या वृद्धि दर – उत्तर प्रदेश का जनसंख्या वृद्धि-दर (2001-2011 के दशक में) 20.23 प्रतिशत था। इसके अनुसार 2001 से लेकर के 2011 तक उत्तर प्रदेश में कुल मिलाकर 3,36,14,420 व्यक्तियों की वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक जनसंख्या वृद्धि-दर वाला शहरी जिला गौतम बुद्ध नगर है। गौतम बुद्ध नगर  में 120.3% की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर रिकॉर्ड की गयी थी। उत्तर प्रदेश के सबसे अधिक जनसंख्या वृद्धि दर वाले चार जिले गौतम बुद्ध नगर > गाजियाबाद > श्रावस्ती>बहराइच हैं। उत्तर प्रदेश का सबसे कम जनसंख्या वृद्धि दर वाला जिला कानपुर नगर है।

उत्तर प्रदेश के जिलों का लिंगानुपात-Sex Ratio

किसी स्थान में प्रति हज़ार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या को लिंगानुपात (Sex-Ratio) कहते हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश का लिंगानुपात 912 था। 2001 में यह अनुपात 898 था। उत्तर प्रदेश का सबसे कम लिंगानुपात वाला जिला गौतम बुद्ध नगर था जिसमें केवल 851 Sex Ratio रिकॉर्ड की गयी। उत्तर प्रदेश के तीन जिलों जौनपुर(1024), आजमगढ़(1019), और देवरिया(1017) में 1000 से अधिक का SEX RATIO रिकॉर्ड किया गया। ग्रामीण इलाकों में सबसे अधिक लिंगानुपात जौनपुर(1032) में रिकॉर्ड किया गया। जबकि न्यूनतम लिंगानुपात ग्रामीण क्षेत्रों में बागपत (856) में रिकॉर्ड किया गया।

उत्तर प्रदेश के जिलों की साक्षरता

2011 की जनगणना के अनुसार 7 वर्ष या उससे अधिक आयु का व्यक्ति जो किसी भी भाषा को पढ़ना, लिखना और समझना जनता हो, साक्षर कहलाता है। 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश की साक्षरता दर 67.7% थी। उत्तर प्रदेश की ग्रामीण साक्षरता दर 65.5% तथा शहरी साक्षरता दर 75.1% थी। इस लिहाज से उत्तर प्रदेश में कुल मिलाकर 11,43,97,555 व्यक्ति साक्षर हैं। 2001-2011 के दशक में उत्तर प्रदेश की साक्षरता में 11.4% की बढ़ोत्तरी हुई है।

2001-2011 के दशक में उत्तर प्रदेश में साक्षर व्यक्तियों की संख्या में 3,86,78,271 व्यक्तियों की बढ़ोत्तरी हुई है। इन बढ़े हुए साक्षर व्यक्तियों में ग्रामीण क्षेत्रों का योगदान 2,99,14,896 है जबकि शहरी क्षेत्रों का योगदान 87,63,375 व्यक्तियों का है।

  1. सबसे अधिक साक्षरता वाला जिला – 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक साक्षर जिला गौतम बुद्ध नगर है। गौतम बुद्द नगर की साक्षरता दर 80.1 % रिकॉर्ड की गयी थी।
  2. न्यूनतम साक्षरता वाला जिला – 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश का सबसे कम साक्षरता वाला जिला श्रावस्ती है। श्रावस्ती जिले की साक्षरता मात्र 46.7 % रिकॉर्ड की गयी थी।
  3. ग्रामीण और नगरीय साक्षरता – उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सबसे अधिक साक्षर व्यक्ति प्रयागराज जिले में हैं। इस जिले में  2,584,919 ग्रामीण साक्षर व्यक्ति हैं। वहीं नगरीय क्षेत्रों में सबसे अधिक साक्षर व्यक्ति कानपुर नगर जिले में रिकॉर्ड किए गए हैं। कानपुर नगर में यह संख्या 22,32,870 व्यक्तियों की है। उत्तर प्रदेश की कुल साक्षर जनसंख्या में से 8,52,84,680 साक्षर व्यक्ति ग्रामीण इलाकों में जबकि 2,91,12,875 साक्षर व्यक्ति शहरों में निवास करते हैं।
  4. पुरुष साक्षरता – उत्तर प्रदेश में पुरुष साक्षरता का प्रतिशत 77.3% है जिसमें शहरी पुरुष साक्षरता का प्रतिशत 80.4% तथा गाँव में बसे पुरुषों की साक्षरता का प्रतिशत 76.3% है। 2001-2011 के दशक में उत्तर प्रदेश की पुरुष साक्षरता में 8.5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक पुरुष साक्षरता गौतम बुद्ध नगर जिले में 86.3% पाई गयी। सबसे कम ग्रामीण पुरुष साक्षरता वाला जिला श्रावस्ती था जिसका ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुष साक्षरता का प्रतिशत 56.7% था। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में सबसे अधिक पुरुष साक्षरता वाला जिला सोनभद्र (90.7%) था तथा न्यूनतम रामपुर जिले में रिकॉर्ड की गयी। रामपुर जिले में यह प्रतिशत 60.2% था।
  5. महिला साक्षरता – उत्तर प्रदेश में महिला साक्षरता का प्रतिशत 57.2% है जिसमें 53.7% ग्रामीण तथ 69.2% शहरी साक्षर महिलाएं है। 2001-2011 के दशक में महिला साक्षारता में 15% की बढ़ोत्तरी हुई है। उत्तर प्रदेश में 4,61,62,591 साक्षर महिलाएँ हैं जो कुल साक्षर व्यक्तियों का 40.4% है। यहाँ ध्यान देने की बात यह है की उत्तर प्रदेश के पुरुषों और महिलाओं की साक्षरता दर का अंतर 2001-2011 के दशक में कम हुआ है। 2001 में यह अंतर 26.6 था तो वहीं यह अंतर 2011 में घट कर 20.1 रह गया था।

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे साक्षर महिलाओं की संख्या आजमगढ़ (10,94,686) में रिकॉर्ड की गयी थी। जबकि यह संख्या सबसे कम महोबा (1,37,132) जिले में प्राप्त हुई। शहरी क्षेत्रों में सबसे कम साक्षर महिलाएँ श्रावस्ती (9071) जिले में थी। उत्तर प्रदेश के जिलों में शहरी क्षेत्रों में सबसे अधिक साक्षर महिलाएँ लखनऊ में थी जिनकी संख्या 10,17,619 थी। वहीं यदि उत्तर प्रदेश के जिलों की साक्षारता दर(Literacy rate) की बात करें तो ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक महिला साक्षरता दर औरैया में 68.4% रिकॉर्ड की गयी। जबकि सबसे कम श्रावस्ती में 33.9% थी। शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम महिला साक्षरता दर रामपुर जिले में 51.4% थी जबकि सबसे अधिक औरैया जिले में 81.0% पाई गयी।

उत्तर प्रदेश के जिलों में एससी/एसटी जनसंख्या

  1. उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाती 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाती की जनसंख्या 4,13,57,608  थी। उत्तर प्रदेश की कुल अनुसूचित जाती की आबादी में 35,685,227 ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 56,72,381 शहरी क्षेत्रों में पाई गयी। उत्तर प्रदेश में कुल जनसंख्या का 20.7 प्रतिशत भाग अनुसूचित जाती के लोग हैं। 2001 की जनगणना में यह प्रतिशत 21.1% था। अर्थात पिछले एक दशक में अनुसूचित जाती की आबादी के प्रतिशत में 0.4% की गिरावट आई है।
  2. उत्तर प्रदेश के जिलों में सबसे अधिक अनुसूचित जाती की आबादी का प्रतिशत कौशांबी जिले में रिकॉर्ड किया गया। कौशांबी जिले में अनुसूचित जाती की जनसंख्या का प्रतिशत 34.7% था। इसके बाद सीतापुर(32.4%) और हरदोई (31.1%) जिलों में दूसरी और तीसरी सबसे अधिक अनुसूचित जाती की आबादी का प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में सबसे कम अनुसूचित जाती की जनसंख्या बागपत जिले में 11.4% थी। यदि संख्या की बात करें तो सबसे अधिक अनुसूचित जाती की जनसंख्या सीतापुर जिले में 14,46,427 व्यक्ति रिकॉर्ड की गयी। न्यूनतम जनसंख्या बागपत जिले में 1,49,060 रिकॉर्ड हुई है।
  3. 2001 से लेकर 2011 के दशक में उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाती की जनसंख्या में 62,09,231 व्यक्तियों की बढ़ोत्तरी हुई थी। इस प्रकार अनुसूचित जाती का दशकीय वृद्धि दर 17.7% था। उत्तर प्रदेश के कुल अनुसूचित जाती के लोगों में 2,16,76,975 पुरुष हैं तथा 1,96,80,633 महिलाएँ हैं।
  1. उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जनजाति

उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक अनुसूचित जनजाति वाला जिला सोनभद्र जिला है जिसमें 3,85,018 ST व्यक्ति निवास करते हैं। सोनभद्र जिले में ही अनुसूचित जनजाति का सबसे अधिक 20.7 प्रतिशत भी है। अनुसूचित जनजाति के प्रतिशत के मामले में सोनभद्र के बाद ललितपुर (5.9%) तथा देवरिया (3.5%) का स्थान आता है।

उत्तर प्रदेश का सबसे कम अनुसूचित जनजाति वाला जिला कन्नौज है जिसमें केवल 0.01% लोग अनुसूचित जनजाति के हैं। संख्या के मामले में न्यूनतम अनुसूचित जनजाति की संख्या वाला जिला बागपत है जिसमें केवल 14 व्यक्ति अनुसूचित जनजाति के हैं। न्यूनतम अनुसूचित जनजाति की संख्या वाले जिले: बागपत (14)<कन्नौज (15)<बदायूँ (58) हैं।

2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल मिलाकर 11,34,273 अनुसूचित जनजाति की संख्या है। इसमें 5,81,083 पुरुष हैं जबकि 5,53,190 महिलाएं हैं। उत्तर प्रदेश की जनसंख्या का 0.6% भाग अनुसूचित जनजाति का है। 2001 में यह प्रतिशत 0.1% था। यानि की 2001-2011 के दशक में 0.5% बढ़ोत्तरी हुई है।

उत्तर प्रदेश के जिलों का क्षेत्रफल                                                                                         

उत्तर प्रदेश के जिलों में सबसे अधिक क्षेत्रफल वाला जिला लखीमपुर खीरी है जिसका क्षेत्रफल 7680 वर्ग किलोमीटर है। जबकि उत्तर प्रदेश का सबसे कम क्षेत्रफल वाला जिला संत रविदास नगर(भदोही) है जिसका क्षेत्रफल सिर्फ 1056 वर्ग किलोमीटर है।

22 Comments

  1. Gitaram Tyagi September 14, 2018
    • Arvind Patel September 15, 2018
    • Riyaj ali October 15, 2018
      • Arvind Patel October 16, 2018
    • Kapil Bhatia March 11, 2019
      • Arvind Patel March 12, 2019
  2. Sanjeet October 21, 2018
  3. ankit kumar October 31, 2018
    • Arvind Patel October 31, 2018
  4. Sarkari Pedia October 31, 2018
    • Arvind Patel November 1, 2018
  5. Heeralal kohar December 15, 2018
    • Arvind Patel December 15, 2018
  6. Krishna Nand Premi Singer & Actor December 24, 2018
  7. Anuj yadav January 20, 2019
  8. Sikandar Ali Gazi January 22, 2019
    • Arvind Patel January 23, 2019
  9. Akash Rajpoot January 31, 2019
    • Arvind Patel January 31, 2019
  10. Aman June 26, 2019
  11. Prakhar Mishra August 5, 2019

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