वंदे मातरम किसने लिखा था । vande mataram in hindi

वंदे मातरम की रचना बंकिमचंद्र चटर्जी ने की थी। जी हां आप में से कुछ लोग हो सकता है कि बंकिम चंद्र चटर्जी को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के नाम से जानते हो। वंदे मातरम किसने लिखा था यह जानने के बाद चलिए आपको दो बातें बताते हैं। पहली बात यह कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के लिए द्वारा लिखा गया यह  गीत कैसे राष्ट्रगीत बना और बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के व्यक्तित्व से आपका परिचय कराते हैं।

वंदे मातरम की कहानी

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम 1870 में लिखा था। परंतु उस समय इस गीत के विषय में कम ही लोग जानते थे। इस महान गीत ने प्रसिद्धि पाई जब  भारत में अब तक लिखे गए महानतम उपन्यासों में से एक आनंद मठ में इसका वर्णन आया। जैसे जैसे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम तेज हो रहा था वैसे वैसे वंदे मातरम इसके साथ जुड़ता गया।

vande mataram kisne likha

अगर आपने कभी इतिहास पढ़ा हो तो आप जानेंगे कि  स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के मुंह से निकलने वाले दो सबसे बड़े नारे थे “ इंकलाब जिंदाबाद” और “ वंदे मातरम”। आपको यह ध्यान रखना होगा कि 1870 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने यह गीत तब लिखा था जब भारत ब्रिटिश राज के  कब्जे में था।

आपको यह जानकर अत्यंत आश्चर्य होगा कि इस वंदे मातरम नाम की कविता को पहली बार देश के लिए गाया था गुरु रविंद्र नाथ टैगोर ने 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में । जी हां राष्ट्रगान लिखने वाले गुरु रविंद्र नाथ टैगोर वंदे मातरम गा रहे थे। महात्मा गांधी जी हमेशा वंदे मातरम गाया करते थे।

बंकिम चंद्र चटर्जी / बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय

बंकिम चंद्र चटर्जी का जन्म 27 जून 1838 को बंगाल के कानतलवाड़ा में हुआ। तब भारत का विभाजन नहीं हुआ था इसीलिए पूर्वी बंगाल पश्चिम बंगाल एक बड़ा  बंगाल राज्य हुआ करते थे। उन्होंने कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज से अपनी पढ़ाई की और अपनी सरकारी नौकरी से 1891 में सेवानिवृत्त हुए।

बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय गीतकार होने के साथ ही साथ एक अत्यंत प्रतिभाशाली लेखक थे उनके द्वारा लिखी गई महान रचनाएं कुछ इस तरह से हैं , कपाल कुंडला   1866 , मृणालनी  1869 ,चंद्रशेखर 1877 , रजनी 1877 , देवी चौधुरानी 1884 । यही नहीं इसके साथ ही वे  Monthly magazine भी चलाते थे जिसका नाम था बंगदर्शन।

उनका सबसे महत्वपूर्ण एवं सबसे प्रसिद्ध उपन्यास था आनंदमठ जो 1882 में आया था। 8 अप्रैल 1894  को महान उपन्यासकार एवं गीतकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का निधन हो गया ।

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