दुनिया का सबसे लंबा पुल कौन सा है।

इंजीनियरिंग का नजारा तो आप लोग पहले ही कई बार देख चुके होंगे लेकिन हाल ही में चीन के इंजीनियरों ने दुनिया को एक बार फिर अपने कारनामे से हैरान कर के रख दिया है।इन्होंने एक ऐसे पुल का निर्माण किया है जो दुनिया का सबसे लंबा पुल तो है ही परंतु इसके अलावा भी इसमें बहुत सारी खूबियां है आइए जानते हैं इस पुल के बारे में –

duniya ka sabse lamba pul kounsa aur kaha hai

दुनिया का सबसे लंबा समुद्री पुल हांगकांग-झुहाई-मकाऊ (HZMB) है। इस पुल की लम्बाई 55 k.m.है। यह ब्रिज हांगकांग को चीन के दक्षिणी शहर झूहाई और मकाउ के गैमलिंग एनक्लेव से जोड़ता है ।

दुनिया दुनिया के सबसे लंबे पुल के बारे में जानकारी

पुल सह-सुरंग प्रणाली पर आधारित इस ब्रिज को मेन्ग फंचओ और इंजीनियरिंग लिन मिंग द्वारा डिजाइन गया था।
सर्वप्रथम 1980 के दशक में होपवेल होल्डिंग्स के संस्थापक और तत्कालीन प्रबंध निदेशक गॉर्डन वू ने चीन, हांगकांग और मकाऊ को जोड़ने वाली पुल सुरंग की अवधारणा का प्रस्ताव दिया था परन्तु परियोजना सीमित रह गई। इसके बाद 2001 में हांगकांग की विधान परिषद ने हांगकांग , झुहाई और मकाओ को जोड़ने वाले लिंक रोड हेतु प्रशासन से पुनःआग्रह किया।

(HZMB) project को समन्वयित करने के लिए, 2003 को एक एडवांस वर्क समन्वय समूह स्थापित किया गया था। जिसके अंतर्गत अधिकारियों द्वारा लैंडिंग अंक और पुल के संरेखण, सीमा पार करने की सुविधाओं तथा परियोजना हेतु वित्त की आवश्यकता जैसे मुद्दों पर विचार विमर्श किया और चीन, हांगकांग और मकाऊ सरकारों ने वित्त पोषित किया।

आखिरकार, 15 दिसंबर 2009 को ब्रिज परियोजना आरंभ हुई जो कि 9 बर्षो के समंयातराल के पश्चात 6 फरवरी 2018 को पूरी हुई। इस पुल के निर्माण में लगभग 126.9 बिलियन युआन(18.77 अरब us dollar) की लागत होने का अनुमान है । इसके निर्माण में लगभग 400,000 टन स्टील का उपयोग हुआ जिसके कारण यह पुल 120 सालो के लिए परिवहन हेतु सक्षम है तथा 8 रिएक्टर तीव्रता के भूकंप को सहन करने की क्षमता रखता है ।

दुनिया के सबसे लंबे पुल को 24 अक्टूबर 2018 में चीन के कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सचिव और चीन के पीपुल्स रिपब्लिक के अध्यक्ष शी जिनपिंग के द्वारा उद्घाटन होने तथा इंजीनियर और कंस्ट्रक्शन एक्सपर्ट द्वारा ब्रिज के टेस्ट के बाद जनता के लिए खोल दिया गया

यह (HZMB) परियोजना एक आर्थिक केंद्र बनाने और पर्ल नदी डेल्टा के पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बीजिंग- त्रिभुज रणनीति का हिस्सा है, जिसे ग्रेटर बे एरिया भी कहा जाता है।

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